धनुरासन
अगर आपको फैटी लिवर की समस्या है तो धनुरासन बहुत उपयोगी है। इस आसन के अभ्यास से लिवर की मालिश होती है और पाचन तंत्र उत्तेजित होता है। धनुरास करने के लिए पेट के बल उल्टा लेटकर पैरों को पीछे से पकड़ना होता है। आप जितनी देर आराम से इस आसन को कर सकते हैं, तब तक करते रहिए। जितना हो सके आसन को दोहराएं।
भुजंगासन
भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहते हैं, जिसमें शरीर का आकार फन फैलाए कोबरा जैसा बनाया जाता है। इस आसन के अभ्यास से पूरे शरीर में खिंचाव आता है, जिससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और विषहरण में मदद मिलती है। भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के पास रखें। धीरे-धीरे सांस लेते हुए सिर और छाती को ऊपर उठाएं। इस दौरान पेट को जमीन पर लगे रहने दें। इस स्थिति में 15-20 सेकंड तक रहें, फिर धीरे-धीरे वापस आएं।
कपालभाति प्राणायाम
एक श्वास व्यायाम लीवर सिरोसिस, पीलिया और हेपेटाइटिस के इलाज में मदद कर सकता है। कपालभाति के अभ्यास के लिए पदमासन या वज्रासन में बैठकर गहरी सांस लें और इसे नाक से निकालें। एक बार सांस लेने की क्रिया पांच से 10 सेकेंड के बीच होनी चाहिए। प्राणायाम को हर दिन 15 मिनट करें। इससे लिवर की कार्यक्षमता में सुधार आता है।
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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