‘आर्काइव्स ऑफ इंटरनेशनल मेडिसिन’ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, सप्ताह में कुछ दिन दोपहर में करीब 30 मिनट की झपकी भी हार्ट अटैक होने की आशंका को लगभग 37 फीसदी तक कम करती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि दोपहर की नींद से तनाव कम होता है, यह दिल के लिए राहत की बात है।
खुशियों को पालते रहिए
यह बात कुछ शोध में भी साबित हुई है कि पशुओं का साथ व्यक्ति के अवसाद और तनाव को कम करता है। सकारात्मक जिंदगी जीने में इंसानों की मदद करता है। तेजी से हो रहे बदलावों में, जहां व्यक्ति भावनात्मक तौर पर खुद को अकेला पाता है, वहीं पशुओं का साथ उसे सुकून और प्यार बांटने का एक जरिया मुहैया कराता है।
ऐसे में उसका दिल तनावमुक्त रहता है और खेल, सैर जैसे काम उसे सेहतमंद बनाए रखने में मदद करते हैं। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पशु पालने से सेहत में सुधार होता है। नियमित तौर पर पालतू कुत्तों के साथ खेलने से ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और तनाव को बढ़ाने वाला हार्मोन कोर्टिसोल कम होता है। वहीं, टहलने की आदत से शरीर को धूप लगती है। इससे शरीर विटामिन की उचित मात्रा सोख लेता है, जो सेहतमंद दिल के लिए जरूरी है।
संगीत और आपका दिल
संगीत न सिर्फ दिमाग को सुकून देता है, बल्कि इंसान को अकेलेपन के माहौल से बाहर निकालने में भी मदद करता है। इसका जुड़ाव व्यक्ति की भावनाओं से होता है। इसलिए यह मनोवैज्ञानिक तौर पर भी प्रभाव डालता है। मनपसंद संगीत दिल को तनावमुक्त करने में भी मदद करता है। मीठी धुन में संगीत सुनने से तनाव दूर होता है। इससे मन को शांति मिलती है, बढ़ी हुई हृदय गति भी ठीक हो जाती है। संगीत सुनने से दिमाग की रक्त कोशिकाएं पुन: सक्रिय हो जाती हंै और नींद न आने की समस्या भी खत्म हो जाती है।