मंगल के लिए एक कृत्रिम मिशन तैयार करने के दौरान किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि नमकीन खाद्य पदार्थ खाने से प्यास घटती है जबकि भूख बढ़ती है। दरअसल, ऐसा ऊर्जा की अधिक आवश्यकता के कारण होता है।
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अध्ययन में देखा गया कि कृत्रिम मिशन में अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ खाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों ने पानी की अधिक मात्रा को बनाए रखा। उन्हें प्यास नहीं लगी थी बल्कि उन्हें ऊर्जा की अधिक आवश्यकता थी। जर्मनी के जर्मन अंतरिक्ष केंद्र (डीएलआर) के शोधकर्ताओं ने 10 पुरुषों वाले दो समूहों को एक कृत्रिम अंतरिक्ष यान से मंगल की दो कृत्रिम उड़ानों के लिए भेजा।
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इन दो समूहों में से एक को 105 दिन के लिए जबकि दूसरे को 205 दिन के लिए रखा गया था। इसमें इसकी पुष्टि हुई कि नमक वाले खाद्य पदार्थ अधिक खाने से यूरिन में नमक की अधिक मात्रा रहती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि नमक ऐसा तंत्र विकसित करता है जो किडनी में पानी को संरक्षित रखता है।