इन दिनों स्मॉग से लोग परेशान हैं। ऐसे में दमा से पीडि़त लोगों को मत्स्यासन का अभ्यास करना चाहिए। इससे कई तरह के सांस से संबंधित रोग दूर होते हैं। यह दो तरीकों से किया जाता है- एक, पद्मासन में और दूसरा, पांव सीधा रखकर।
पीठ के बल लेटकर पद्मासन लगाएं। दोनों हाथों को नितम्बों के नीचे रखें। माथा जमीन से सटाएं ताकि रीढ थोड़ी ऊपर की ओर हो जाए। इस स्थिति में दोनों हाथों से पैर के अंगूठे पकड़कर कुछ देर रुकें। फिर गर्दन सीधी करें।
दोनों हाथों को नितम्बों के नीचे रखें। गर्दन सहित शरीर को ऊपर उठाएं। फिर गर्दन को तीन-चार बार दाएं-बाएं और उसके बाद क्लॉकवाइज तथा एंटी-क्लॉकवाइज घुमाएं। पद्मासन खोलकर विश्राम करें। प्रतिदिन इसका अभ्यास करने से लाभ होगा।
(ये जानकारी डॉ. वीरेंद्र के सिंह ने अमर उजाला को दिये इंटरव्यू में दी है)