फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये बैक्टीरिया हैं सबसे खतरनाक, दवाइयों का भी नहीं होता असर

Tue, 28 Feb 2017 03:49 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला,नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसे बैक्टीरिया की सूची तैयार की है जिन पर दवाइयों का असर नहीं हो रहा है। इन्हें मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है। इस सूची में सबसे ऊपर ई. कोली जैसे ग्राम-नेगेटिव बग हैं जो अस्पताल में भर्ती कमजोर मरीजों के खून में जानलेवा संक्रमण या नमोनिया फैला सकते हैं। जर्मनी में होने वाली जी-20 बैठक से पहले इस सूची पर चर्चा की जाएगी। इसका मकसद सरकारों का ध्यान मुश्किल इलाज वाले संक्रमणों के लिए एंटीबायोटिक खोजने की ओर केंद्रित करना है। 
विज्ञापन


विशेषज्ञ कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि कुछ संक्रमणों का इलाज मौजूदा एंटीबॉयोटिक से संभव नहीं होगा। ऐसे में सामान्य संक्रमण भी जानलेवा हो जाएंगे। डब्ल्यूएचओ की डॉक्टर मैरी पॉल कीनी का कहना है कि एंटीबायोटिक की प्रतिरोधक क्षमता चेतावनी के स्तर पर पहुंच गई है और कोई नई दवा नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि इलाज के विकल्प तेजी से कम हो रहे हैं। डॉक्टर कीनी ने कहा कि यदि सिर्फ बाजार पर ही सबकुछ छोड़ दिया गया तो समय रहते नए एंटीबॉयोटिक विकसित नहीं किए जा सकेंगे।
विज्ञापन

WHO ने दी चेतावनी

डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि दवा कंपनियां ऐसी ही दवाइयां विकसित करेंगी जिन्हें बनाना सस्ता है और जिनमें मुनाफा ज्यादा है। ये नीचे लटकते फलों को तोड़ने जैसा है। डब्ल्यूएचओ की इस सूची में टीबी को नहीं रखा गया है क्योंकि इसका इलाज खोजने को पहले से ही प्राथमिकता दी गई है। विशेषज्ञों ने मौजूदा दवाइयों की प्रतिरोधात्मक क्षमता को ध्यान में रखकर ये नई सूची तैयार की है।

इसमें वैश्विक मृत्यु दर, समुदायों में संक्रमण के फैलाव और स्वास्थ्य सेवाओं पर मर्ज के भार को भी शामिल किया गया है। सूची में शीर्ष पर एक क्लेबसीला नाम का बैक्टीरिया भी शामिल है जिसने हाल ही में ताकतवर एंटीबॉयोटिक कार्बापेनेम्स के लिए प्रतिरोधात्मक क्षमता विकसित कर ली है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें