विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसे बैक्टीरिया की सूची तैयार की है जिन पर दवाइयों का असर नहीं हो रहा है। इन्हें मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है। इस सूची में सबसे ऊपर ई. कोली जैसे ग्राम-नेगेटिव बग हैं जो अस्पताल में भर्ती कमजोर मरीजों के खून में जानलेवा संक्रमण या नमोनिया फैला सकते हैं। जर्मनी में होने वाली जी-20 बैठक से पहले इस सूची पर चर्चा की जाएगी। इसका मकसद सरकारों का ध्यान मुश्किल इलाज वाले संक्रमणों के लिए एंटीबायोटिक खोजने की ओर केंद्रित करना है।
विशेषज्ञ कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि कुछ संक्रमणों का इलाज मौजूदा एंटीबॉयोटिक से संभव नहीं होगा। ऐसे में सामान्य संक्रमण भी जानलेवा हो जाएंगे। डब्ल्यूएचओ की डॉक्टर मैरी पॉल कीनी का कहना है कि एंटीबायोटिक की प्रतिरोधक क्षमता चेतावनी के स्तर पर पहुंच गई है और कोई नई दवा नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि इलाज के विकल्प तेजी से कम हो रहे हैं। डॉक्टर कीनी ने कहा कि यदि सिर्फ बाजार पर ही सबकुछ छोड़ दिया गया तो समय रहते नए एंटीबॉयोटिक विकसित नहीं किए जा सकेंगे।