देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को लेकर चिंता बढ़ जाती है। खराब हवा में सुबह की सैर, दौड़ने और खुले में व्यायाम करने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में कई लोग घर के अंदर योग और प्राणायाम करना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या खराब AQI में घर के अंदर योग करना पूरी तरह सुरक्षित है?
अगर आप इस सवाल का सही जवाब जानना चाहते हैं तो ऐसे में यह जानना जरूरी है कि प्रदूषण के दौरान कौन-से योगासन किए जा सकते हैं, किन प्राणायाम तकनीकों से बचना चाहिए और घर की हवा को साफ रखने के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए।
खराब AQI में घर के अंदर योग करना कितना सुरक्षित है?
खराब AQI के दौरान घर के अंदर योग करना बाहर व्यायाम करने की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है, बशर्ते घर की हवा अपेक्षाकृत साफ हो। बाहर का प्रदूषण खिड़कियों, दरवाजों और वेंटिलेशन के जरिए घर में भी पहुंच सकता है। इसलिए केवल घर के अंदर होने से प्रदूषण का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता।
अगर घर में धूल, धुआं या अन्य प्रदूषक मौजूद हैं, तो योग करते समय सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता सुधारना और हल्के व्यायाम करना जरूरी है।
खराब AQI में कौन-से योगासन कर सकते हैं?
1. ताड़ासन
ताड़ासन में सीधे खड़े होकर शरीर का संतुलन बनाए रखा जाता है। यह शरीर की मुद्रा और संतुलन सुधारने में मदद कर सकता है। इसे सामान्य गति से करें और सांस को जबरदस्ती नियंत्रित न करें।
2. बालासन
बालासन एक आरामदायक योग मुद्रा है, जिसमें शरीर को विश्राम मिलता है। हालांकि, घुटनों या कमर में परेशानी होने पर इसे अपनी क्षमता के अनुसार ही करें।
3. शवासन
शवासन में पीठ के बल लेटकर शरीर को आराम दिया जाता है। प्रदूषण के दिनों में हल्के व्यायाम के बाद आराम करने के लिए यह उपयोगी हो सकता है।
4. हल्की स्ट्रेचिंग
घर के अंदर हल्की स्ट्रेचिंग और सामान्य गति से योग करना बेहतर विकल्प हो सकता है। अगर सांस फूलने लगे, खांसी बढ़े या सीने में जकड़न महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं।
खराब AQI में किन प्राणायाम तकनीकों से बचें?
1. कपालभाति
कपालभाति में पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करते हुए तेजी से सांस बाहर छोड़ी जाती है। खराब हवा की गुणवत्ता के दौरान इसे तेजी से या लंबे समय तक करने से बचें, खासकर अगर सांस संबंधी बीमारी है।
2. भस्त्रिका
भस्त्रिका में तेजी से सांस अंदर लेने और बाहर छोड़ने की प्रक्रिया होती है। इससे सांस लेने की गति और मेहनत बढ़ सकती है। प्रदूषण के दिनों में इसे करने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
3. सांस रोकने वाले अभ्यास
लंबे समय तक सांस रोकने या सांस पर जोर डालने वाले अभ्यास हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होते। अस्थमा, हृदय रोग या सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
घर के अंदर प्रदूषण से बचने के 5 तरीके
- AQI चेक करें: बाहर प्रदूषण अधिक होने पर खिड़कियां खोलने और बाहर व्यायाम करने का समय सोच-समझकर चुनें।
- एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें: उपयुक्त HEPA फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर घर के अंदर हवा में मौजूद कुछ सूक्ष्म कणों को कम कर सकता है।
- धुआं पैदा करने वाली चीजों से बचें: योग करते समय अगरबत्ती, धूप, सिगरेट और अन्य धुआं पैदा करने वाली चीजों का इस्तेमाल न करें।
- कमरे की सफाई रखें: धूल कम करने के लिए नियमित सफाई करें और जरूरत के अनुसार गीले कपड़े से सतहों को साफ करें।
- व्यायाम की तीव्रता कम रखें: खराब AQI के दौरान भारी वर्कआउट के बजाय हल्का योग या आराम करना बेहतर हो सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, COPD या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को खराब AQI में व्यायाम करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए। अगर सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या अचानक गंभीर परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।