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Yoga Tips: थोड़ा चलने से फूलने लगती है सांस? आपको इन योगासनों के अभ्यास की है जरूरत

Sun, 25 May 2025 12:39 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Yoga To  Increase Lung Capacity अगर आप इन योगासनों का नियमित अभ्यास करेंगे तो कुछ ही हफ्तों में आपकी सांस फूलने की समस्या में सुधार देखने को मिलेगा और फेफड़े पहले से ज्यादा मजबूत होंगे। 
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फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए योग - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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Yoga To  Increase Lung Capacity: कुछ कदमों पैदल टहलने पर आपकी सांस फूलने लगती है? या सीढ़ियां चढ़ते उतरते समय आप हांफने लगते हैं? अगर थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि करने पर ही आपकी सांस फूलने लगती है या जल्दी हांफने लगते हैं तो यह फेफड़ों की कमजोरी का संकेत हो सकता है। नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास करके आप अपनी लंग्स कैपेसिटी (फेफड़ों की क्षमता) को बढ़ा सकते हैं और सांस संबंधी दिक्कतों से राहत पा सकते हैं। अगर आप इन योगासनों का नियमित अभ्यास करेंगे तो कुछ ही हफ्तों में आपकी सांस फूलने की समस्या में सुधार देखने को मिलेगा और फेफड़े पहले से ज्यादा मजबूत होंगे। 

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अनुलोम-विलोम प्राणायाम
 
अनुलोम विलोम के  अभ्यास से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। सांस फूलने की समस्या कम होती है और शरीर ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है। आरामदायक मुद्रा में बैठकर रीढ़ सीधी रखें। फिर दाहिने हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका बंद करें और बाईं नासिका से गहरी सांस लें। अब बाईं नासिका बंद करके दाईं नासिका से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। यह प्रक्रिया दूसरी तरफ से भी दोहराएं। रोज इस प्राणायाम को 5-10 मिनट करें।  


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कपालभाति प्राणायाम
 
कपालभाति के अभ्यास के लिए सीधा बैठें और पेट को ढीला छोड़ें। तेजी से नाक से सांस बाहर निकाले और पेट को अंदर करें। यह प्रक्रिया लगातार 50-100 बार करें। कपालभाति प्राणायाम करने से फेफड़ों की सफाई होती है। सांस से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं। शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है।  


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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