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आयुर्वेदिक भोजन संस्कृति: खाना खाते समय इन बातों का जरूर रखना चाहिए ध्यान

Tue, 10 Jul 2018 12:54 PM IST
डॉ. विनोद वर्मा, आयुर्वेद विशेषज्ञ
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food table
आयुर्वेदिक भोजन संस्कृति के कुछ सिद्धांत हैं। मसलन, भोजन सुंदर तरीके से परोसा जाए, जिससे भोजन करने का सौहार्दपूर्ण एवं सुखद वातावरण बने। मानसिक तनाव या भावनात्मक अवरोध की अवस्था में कभी भोजन ग्रहण न करें। भोजन आरंभ करने से पूर्व अपना चित्त भोजन की ओर लगाएं। पहले भोजन की ओर देखें और यह आकांक्षा करें कि भोजन के पंचतत्व आपको संतुलन, शक्ति और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करे।
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डेमो - फोटो : डेमो
भोजन न तो जल्दबाजी से करें, न मंद गति से। जब निवाला मुंह में हो, उस समय बातचीत न करें। भोजन के एक घंटे बाद पानी पीना चाहिए। खाने के साथ उत्तम प्रकार का पेय ही थोड़ी मात्रा में लेना चाहिए। भोजन के साथ जूस या दूध नहीं लेना चाहिए।
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lunch - फोटो : JERICHO SAN MIGUEL
सामान्य रूप से भोजन तरीवाला होना चाहिए। पहले खाया भोजन पच जाने के पहले कुछ भी नहीं खाना चाहिए। जब पहले का खाया हुआ भोजन पाचन-क्रिया में हो तो ऊपर से और कुछ खाना, विषाक्त भोजन लेने जैसा है। आयुर्वेद के अनुसार, उतना ही भोजन करना चाहिए जिससे पेट दो-तिहाई भरे। खाना खाने के तुरंत बाद स्नान या व्यायाम न करें।
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