Yoga Mistakes: आजकल वजन घटाना एक लक्ष्य नहीं, बल्कि होड़ बन चुका है। सोशल मीडिया पर 7 दिन में पतला होने वाला योग, तेजी से फैट बर्न करने वाला आसन जैसे दावे लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। योग, जो कभी संयम, संतुलन और आत्म-अनुशासन का मार्ग था, अब जल्दबाज़ी का साधन बना दिया गया है। सच यह है कि हर योगासन हर शरीर के लिए नहीं होता। गलत उम्र, गलत शारीरिक स्थिति और बिना मार्गदर्शन के किया गया योग वजन घटाने के बजाय शरीर को तोड़ सकता है।
वजन कम करने की जल्दबाजी में लोग ऐसे अभ्यास करने लगते हैं जो उनकी रीढ़, घुटनों, हार्मोन सिस्टम और पाचन पर बुरा असर डालते हैं। योग का मूल उद्देश्य शरीर को सज़ा देना नहीं, बल्कि उसे समझना है। आइए जानें वे योग अभ्यास जो वजन घटाने के चक्कर में नहीं करने चाहिए।
अत्यधिक कपालभाति करना
कपालभाति को फैट बर्नर मानकर लोग सैकड़ों स्ट्रोक्स करने लगते हैं। ये योग लो ब्लड प्रेशर, हर्निया, हार्ट प्रॉब्लम, प्रेग्नेंसी में खतरनाक हो सकता है। लोगों के बीच गलतफहमी है कि ज्यादा कपालभाति करने से ज्यादा वजन कम होता है। सच तो ये है कि अभ्यास सीमित और सही मात्रा ही लाभ देती है।
पेट की चर्बी के लिए ज़बरदस्ती नौकासन
नौकासन को पेट कम करने का रामबाण समझा जाता है। इसके अभ्यास से कमर दर्द, स्लिप डिस्क, गर्दन में खिंचाव हो सकता है। जिनका कोर कमजोर है, उनके लिए यह नुकसानदेह हो सकता है।
मोटापे में ज़बरदस्ती शीर्षासन
शीर्षासन को राजा आसन कहा जाता है, लेकिन हर राजा हर राज्य के लिए नहीं होता है। हाई बीपी, सर्वाइकल, आंखों की समस्या में शीर्षासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। मोटापे में शरीर का पूरा वजन गर्दन पर आ जाता है।
जरूरत से ज्यादा सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार बेहतरीन है, लेकिन संख्या की होड़ खतरनाक है। इससे घुटनों में दर्द, हार्मोन असंतुलन, थकावट महसूस हो सकती है। योग थकाने के लिए नहीं, ऊर्जा देने के लिए होता है
खाली पेट कठिन आसन करना
खाली पेट योग करने का मतलब यह नहीं कि शरीर बिल्कुल कमजोर हो। इससे चक्कर, ब्लड शुगर गिरना, कमजोरी आ सकती है। खासतौर पर डायबिटीज़ वालों के लिए खाली पेट योगाभ्यास नुकसानदायक हो सकता है।