जो पानी आप पी रहे हैं वह कितना स्वच्छ, जांचे पानी की क्वालिटी
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World Water Day 2025: विश्व जल दिवस हर साल 22 फरवरी को मनाया जाता है। दुनिया 70 फीसदी पानी से घिरी है लेकिन सिर्फ तीन फीसदी से कम ताजे पानी के ही स्रोत हैं और यह आंकड़ा लगातार कम होता जा रहा है। तेजी से जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण, कृषि उद्योग और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में पानी की बढ़ती जरूरत के कारण जल की मांग बढ़ रही है। हालांकि जलवायु परिवर्तन, वर्षा के बदलने के पैटर्न और मौसम संबंधित घटनाओं के कारण पानी की कमी भी बढ़ रही है।
भारत में तो पीने योग्य पानी की कमी अत्यधिक है। देश की आबादी 1.4 अरब से ज्यादा है लेकिन यहां दुनिया के ताजे जल संसाधन का केवल 4 फीसदी पानी ही है। जाने अनजाने पानी की बर्बादी और जल प्रदूषण के कारण लोग पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। वहीं प्रदूषित जल स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
जो पानी आपके घर पर सप्लाई हो रहा है, क्या वह स्वच्छ है, इसकी जांच करके ही जल का सेवन करें। यहां विश्व जल दिवस के मौके पर कुछ आसान तरीकों से पीने वाली पानी की गुणवत्ता की जांच घर पर ही की जा सकती है।
स्वच्छ पानी का रंग
पानी के रंग से उसकी स्वच्छता की जांच की जा सकती है। इसके लिए एक कांच के गिलास में पानी भरे और उसका रंग देखें। अगर जल का रंग पीला या भूरा है या उसमें किसी तरह के कण नजर आ रहे हैं तो समझ जाएं कि पानी की क्वालिटी खराब है। अगर वाॅटर फिल्टर से आने वाले पानी का रंग भी ऐसा ही है तो वाॅटर फिल्टर को सर्विसिंग की जरूरत हो सकती है।
पानी की पारदर्शिता
रंग के साथ ही जल में कितनी पारदर्शिता है, ये भी जल की गुणवत्ता बताता है। पानी का रंग अलग है या किसी तरह के पार्टिकल्स हैं तो पानी धुंधला नजर आएगा। पानी में मिट्टी के कण होंगे तो भी वह धुंधला दिखता है। ऐसा जल पीने योग्य नहीं होता है। स्वस्थ पानी बिना किसी रंग के पारदर्शी होता है।
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पानी की महक
जब पानी में से किसी तरह की कोई महक आ रही हो तो समझ जाएं कि जल अशुद्ध या अस्वच्छ है। कई बार बर्तन साफ नहीं होने से उसकी गंध पानी में घुल जाती है, जिससे पानी में महक आने लगती है। इसलिए हमेशा साफ बर्तन में पानी रखें।
पानी का स्वाद
स्वच्छ जल की गुणवत्ता उसके स्वाद पर भी निर्भर करती है। पानी कड़वा हो तो उसे न पीएं। अगर पानी में धातु जैसा स्वाद हो तो हो सकता है कि धात्विक अशुद्धियां जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम जल में घुली हो। पानी में ब्लीच का स्वाद आ रहा है तो हो सकता है कि क्लोरीन मिली हो। पानी नमकीन लगे तो सल्फेट की मौजदूगी हो सकती है। स्वादहीन पानी ही स्वच्छ माना जाता है।