आज के दिन दुनिया भर में कई फोटोग्राफर अपनी सर्वश्रेष्ठ तस्वीर के लिए कई प्लेटफार्मों के माध्यम से अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत कर रहे हैं। विश्व फोटोग्राफी संगठन दुनिया भर के फोटोग्राफरों को 2019 में ली गई तस्वीरों को पंजीकृत करने और प्रस्तुत करने के लिए बुला रहा है जैसे - वास्तुकला, वन्यजीव, रचनात्मकता, परिदृश्य, यात्रा और स्ट्रीट फोटोग्राफी। तो जरूरी देर किस बात की आप भी तस्वीरें खींचिए और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करके विचार व्यक्त करिए। तस्वीरें सिर्फ खुद की ली जाएं ऐसा जरूरी नहीं है, कोई भी चीज जो आपको अच्छी लगे, जो आपके मन पर गहरी और अलग छाप छोड़ जाए, या ऐसा कुछ भी जिसे दुनिया तक पहुंचने की जरूरत हो उसकी तस्वीर लेनी चाहिए।
विश्व फोटोग्राफी का इतिहास
पहली तस्वीर की घोषणा 19 अगस्त, 1939 को फ्रांस में की गई थी। इस घोषणा के लिए प्रस्तावना यह थी कि 9 जनवरी, 1839 को फ्रांसीसी विज्ञान अकादमी ने डागुएरोटाइप (Daguerreotype) प्रक्रिया की घोषणा की थी।जो लुई डागुएरे द्वारा विकसित एक फोटोग्राफिक प्रक्रिया है। उसी वर्ष 19 अगस्त को, फ्रांस सरकार ने पेटेंट की प्राप्ति की और फ्रेंकोइस अरागो फ्रांस के प्रधानमंत्री ने फ्रेंच एकेडमी डेस साइंस और एकेडमी डेस बीक्स आर्ट्स में एक प्रस्तुति दी, जिसमें फोटोग्राफी की प्रक्रिया का वर्णन किया गया।
अरागो ने इसके मूल्यांकन पर चर्चा की और इसके शानदार भविष्य की कल्पना करते हुए दुनिया को इसके मुफ्त उपयोग का लाभ दिया। 19 अगस्त 2010 को पहली वैश्विक ऑनलाइन गैलरी की मेजबानी की गई थी। यह दिन ऐतिहासिक था क्योंकि भले ही यह अब तक की पहली ऑनलाइन गैलरी थी, लेकिन इस दिन 270 फोटोग्राफर्स ने तस्वीरों के माध्यम से अपने विचारों को साझा किया और 100 से अधिक देशों के लोगों ने वेबसाइट देखी।