सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
आठ साल की उम्र में हो जाता बाल विवाह
ममता अब 19 साल की हैं, लेकिन जब उनकी बहन 8 साल की थी और वो 11 साल की, तब उनके परिवार पर उन दोनों की शादी करने का दबाव बना। राजस्थान के कुछ तबकों में प्रचलित आटा-साटा परंपरा के तहत परिवार का लड़का जिस घर में शादी करता है, उस घर को लड़के के परिवार की एक लड़की से शादी करनी होती है।
इसी लेन-देन के तहत ममता और उसकी बहन की शादी की मांग की गई पर उनकी मां ने उनका साथ दिया और बहुत ताने और तिरस्कार के बावजूद बेटियों की जिंदगी 'खराब' नहीं होने दी। ये सब तब हुआ, जब कानून के तहत 18 साल से कम उम्र में शादी गैर-कानूनी थी। ममता के मुताबिक यह सीमा 21 करने से भी कुछ नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा, 'लड़की को पढ़ाया तो जाता नहीं, ना ही वो कमाती है, इसलिए जब वो बड़ी होती है, तो घर में खटकने लगती है, अपनी शादी की बात को वो कैसे चुनौती देगी, मां-बाप 18 तक तो इंतजार कर नहीं पाते, 21 तक उन्हें कैसे रोक पाएगी?'
ममता चाहती हैं कि सरकार लड़कियों के लिए स्कूल-कॉलेज जाना आसान बनाए, रोजगार के मौके बनाए, ताकि वो मजबूत और सशक्त हो सकें। आखिर शादी उनकी मर्जी से होनी चाहिए, उनका फैसला, किसी सरकारी नियम का मोहताज नहीं। यानी अगर कोई लड़की 18 साल की उम्र में शादी करना चाहे, तो वो वयस्क है और उस पर कोई कानूनी बंधन नहीं होने चाहिए।