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माता सीता को मुंह दिखाई में मिला था यह सुंदर भवन, कुश ने बनाया मंदिर

Tue, 04 Aug 2020 09:05 AM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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माता सीता और भगवान राम - फोटो : social media
5 अगस्त, बुधवार को अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। इस दिन का कई वर्षों से इंतजार किया जा रहा था। अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है और यह नगरी प्राचीन मंदिरों और सिद्ध स्थानों से भरी हुई है। आज हम आपको एक ऐसे स्थान के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका संबंध माता सिता और भगवान राम से है। आइए जानते है उस भवन के बारे में जो माता सीता को मुंह दिखाई में मिला था...
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कनक भवन अयोध्या - फोटो : instagram
कनक भवन
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कनक भवन माता सीता को विवाह के बाद माता कौशल्या नें मुंह दिखाई में दिया था। ऐसा माना जाता है कि इस भवन का निर्माण भगवान विश्वकर्मा द्वारा किया गया था।
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कनक भवन अयोध्या - फोटो : instagram
कुश ने बनाया मंदिर
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम के अपने धाम जाने के बाद उनके पुत्र कुश ने यहां पर मंदिर का निर्माण करवाया था। कुश ने कनक भवन में भगवान राम और माता सीता की प्रतिमाएं स्थापित की थीं।

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कनक भवन अयोध्या - फोटो : instagram
कनक भवन में किसी अन्य पुरुष को प्रवेश की आज्ञा नहीं थी
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कनक भवन में भगवान राम के अलावा किसी अन्य पुरुष को आने की आज्ञा नहीं थी। इसी मान्यता के आधार पर कनक भवन के गर्भगृह में भगवान राम और माता सीता के अलावा किसी अन्य देवता का विग्रह स्थापित नहीं किया गया है।
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कनक भवन अयोध्या - फोटो : instagram
महारानी वृषभानु कुंवरि की देखरेख में हुआ वर्तमान भवन का निर्माण
  • समय के साथ यह भवन नष्ट हो गया था। वर्तमान के कनक भवन का निर्माण ओरछा के राजा सवाई महेन्द्र प्रताप सिंह की पत्नी महारानी वृषभानु कुंवरि की देखरेख में हुआ था। 1891 में प्राचीन प्रतिमाओं की पनु: स्थापना की गई और भगवान राम और माता सीता के दो नए विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा भी करवाई गई।
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कनक भवन अयोध्या - फोटो : instagram
सावन माह में झूला झुलाया जाता है
  • कनक भवन में भगवान राम और माता सीता को सावन के पवित्र माह में झूला झुलाया जाता है। मंदिर परिसर में तीज त्योहार बड़े ही धूम- धाम से मनाए जाते हैं। संतों का कहना है कि आज भी भगवान राम और माता सीता कनक भवन में विचरण करते हैं।
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