महाकुंभ मेला भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा पर्व है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग कुंभ देखने और स्नान करने के लिए आ रहे हैं। यह हर 12 वर्षों में आयोजित होने वाला यह मेला इस बार 2025 में प्रयागराज में हो रहा है। मान्यता है कि महाकुंभ में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। अगर आपने संगम में स्नान कर लिया है और प्रयागराज के धार्मिक स्थलों का भ्रमण करना चाहते हैं तो आज की इस खबर में हम आपको इलाहाबाद में स्थित पड़िला महादेव मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी यहां बहुत मान्यता है। इसे पांडेश्वर महादेव मंदिर भी कहा जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं।
पांडेश्वर यानी पड़िला महादेव मंदिर का करें भ्रमण
अगर आप भी महादेव के बड़े भक्त हैं और यहां पर उन्हीं का कोई मंदिर सर्च कर रहे हैं तो पड़िला महादेव मंदिर के दर्शन जरूर कर लें। इस मंदिर तक पहुंचने का रास्ता काफी ज्यादा आसान है। प्रयागराज के संगम से इसकी दूरी केवल 16 किलोमीटर ही है। यहां जाने के लिए आप अपने वाहनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी अवेलेबल है।
कितनी दूर है पड़िला मंदिर?
अगर आप सिविल लाइन के हनुमान मंदिर के पास हैं तो यहां के ऑटो स्टैंड से पड़िला मंदिर नौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
अगर आप प्रयागराज बस स्टैंड पर हैं तो यहां से महादेव मंदिर की दूरी कम से कम 12 से 14 किलोमीटर है।
वहीं, अगर आप प्रयागराज संगम के पास हैं तो यहां से पड़िला मंदिर की दूरी मात्र 16 किलोमीटर है।
क्या है किराया?
सिविल लाइन के हनुमान मंदिर से पड़िला मंदिर के लिए वहां के ऑटो वाले 30 रुपये लेते हैं। हालांकि, इस समय महाकुंभ की वजह से किराए में बढ़ोतरी हो सकती है।
अगर आप संगम से पड़िला मंदिर जा रहे हैं तो सबसे पहले आपको चुंगी से सिविल लाइन आना पड़ेगा। इसके लिए आप सिविल लाइन से फाफामऊ के लिए ऑटो लें। इसके लिए आपको 40 से 50 रुपये का किराया लगेगा।
अगर आफ फाफामऊ में हैं तो आप यहां से सीधे पड़िला मंदिर के लिए ऑटो ले सकते हैं।