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इस देश को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो जैसे पहले मॉरिशस बना और फिर स्वर्ग

Mon, 12 Aug 2019 04:43 PM IST
मोना नारंग मनोरंजन डेस्क, अमर उजाला
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स्वर्ग की तरह मन में मॉरिशस - फोटो : Unsplash
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प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक मार्क ट्वेन ने अपने यात्रा वृतांत ‘फॉलोइंग द इक्वेटर’ में लिखा है, “मॉरिशस को देखकर विचार आता है कि पहले मॉरिशस बना और फिर स्वर्ग।”

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मेरा घूमने का एक अलग ही फंडा है। मैं रुकती नहीं हूं कि अगली बार उस जगह पर चली जाऊंगी। जब भी मेरा कहीं जाने का मन करता है, तो मैं वहां चली जाती हूं। कोई प्लानिंग नहीं करती कि मैं इतने दिन रुकूंगी। जितने दिन मेरा रुकने का मन करता है, उतने दिन रुकती हूं। मैं देश-विदेश की कई जगहों पर गई हूं। कहीं शूटिंग के सिलसिले में तो कहीं घूमने के उद्देश्य से। दक्षिण भारत तो मेरा पूरा देखा हुआ है, क्योंकि मैं वहीं से ताल्लुक रखती हूं। लंदन, न्यूयॉर्क, पेरिस, दुबई जैसी जगहों पर तो कई बार जा चुकी हूं। हां, जहां तक बात मेरी पसंदीदा जगह की है तो मुझे मॉरिशस बहुत पसंद है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।

स्वर्ग की तरह मन में मॉरिशस - फोटो : Unsplash
प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक मार्क ट्वेन ने तो अपने यात्रा वृतांत ‘फॉलोइंग द इक्वेटर’ में लिखा है कि मॉरिशस को देखकर विचार आता है कि पहले मॉरिशस बना और फिर स्वर्ग। और स्वर्ग मॉरिशस की एक नकल मात्र है। मॉरिशस की मिश्रित संस्कृति है, इसका प्रमुख कारण पहले फ्रांस के अधीन होना और बाद में ब्रिटिश स्वामित्व में रहना। यह मिश्रित संस्कृति आपको मॉरिशस में जगह-जगह इमारतों, पहनावे, बोलचाल रहन-सहन सब में दिखती भी है। मॉरिशस को विलुप्त हो चुके डोडो पक्षी के अंतिम और एकमात्र घर के रूप में भी जाना जाता है।

स्वर्ग की तरह मन में मॉरिशस - फोटो : pixabay
कुछ समय पहले ही मैं मॉरिशस से अपनी एक वेबसीरीज की शूटिंग करके लौटी हूं। मैं और मेरी पूरी टीम 20-25 दिन वहां रुके। इस दौरान खूब मस्ती की। मैं दूसरी बार मॉरिशस गई थी। पहली बार जब मैं 5वीं क्लास में पढ़ती थी, तब अपने माता-पिता के साथ वहां गई थी। मुझे अच्छी तरह याद है, उस दौरान हमने खूब मौज-मस्ती की थी। हमने अंडर सी वॉक भी किया था। इस बार भी मैंने उन सब चीजों का मजा लिया। मैं खुशकिस्मत थी कि मैं जिनके साथ गई, वह बहुत ही अच्छे लोग थे। बिल्कुल मौज-मस्ती में रहने वाले। जब आप ऐसे लोगों के साथ कहीं जा रहे होते हो हैं, तो आपका मन अगर सही नहीं भी है तो वह ठीक हो जाता है।
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स्वर्ग की तरह मन में मॉरिशस - फोटो : Pixabay
मॉरिशस में बहुत सारे भारतीय हैं। इनमें साउथ इंडियन ज्यादा हैं। यहां बॉलीवुड की फिल्में बहुत लोकप्रिय हैं। इसलिए यहां के लोग फिल्मों के जरिए आपको पहले से ही जानते हैं। जहां तक खाने-पीने की बात है, तो मुझे दाल-चावल ज्यादा पसंद हैं। मैं जहां भी जाती हूं, वहां इन्हीं को खोजने की कोशिश करती हूं। वैसे मॉरिशस को इसके स्वादिष्ट खाने के लिए भी जाना जाता है, जो भारतीय, चीनी, क्रेयोल और यूरोपियन खानों का मिश्रण है। यहां आपको आसानी से हर तरह का खाना मिल जाता है। मॉरिशस में जगह-जगह इंडियन रेस्टोरेंट हैं, इसलिए मुझे आसानी से अपनी पसंदीदा खाने-पीने की सामग्री मिल जाती थी। फिलहाल मैं ‘द हॉलीडे’ वेबसीरीज में नजर आ रही हूं। जैसे ही मौका मिलेगा, फिर से मॉरिशस की यात्रा पर जाना चाहूंगी।
-नंद राम प्रजापति से बातचीत पर आधारित  
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