Janmashtami 2025: जन्माष्टमी इस वर्ष 16 अगस्त 2025 को मनाई जा रही है। जन्माष्टमी भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्रीकृष्ण की जन्म तिथि है। यह भारत का वह उत्सव है जो कान्हा के प्रेम, भक्ति और आनंद का प्रतीक है। हर साल देशभर में मंदिर, घर और पंडालों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजती हैं लेकिन कुछ जगहों की भव्यता और रौनक देखने लायक होती है। जन्माष्टमी की धूम मथुरा-वृंदावन से लेकर दिल्ली-मुंबई तक रहती है। कई जगहों पर शानदार झांकियों के जरिए कृष्ण जन्म और बाल लीलाएं दिखाई जाती हैं। अगर आप भी कृष्ण जन्माष्टमी पर देश की सबसे सुंदर झांकी देखना चाहते हैं तो इन शहरों की ओर रुख कर सकते हैं।
मथुरा और वृंदावन
कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन की गलियां जन्माष्टमी पर फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाती हैं। यहां की झांकियों में कृष्ण जन्म, गोवर्धन लीला और रासलीला के दृश्य जीवंत कर दिए जाते हैं। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर और बांके बिहारी मंदिर में सजावट अद्भुत होती है। आप जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा वृंदावन पहुंचकर मंदिर-मंदिर में झांकियां देख सकते हैं।
द्वारका
समुद्र किनारे की भव्य झांकी देखना चाहते हैं तो गुजरात के द्वारका जाएं। यहां स्थित द्वारकाधीश मंदिर झूमर, सुनहरी झालरों और पारंपरिक सजावट के लिए प्रसिद्ध है। यहां समुद्री थीम वाली झांकियां भी देखने को मिलती हैं।
मुंबई
मुंबई में जगह-जगह पर भव्य दही हांडी का आयोजन होता है। दही हांडी के साथ ही मुंबई में जन्माष्टमी की सजावट देखने को मिलती है। मुंबई में जन्माष्टमी का जश्न दही हांडी और झांकियों का अद्भुत मेल है। गिरगांव, दादर और वर्ली के पंडालों में कान्हा की अनोखी थीम वाली झांकियां तैयार होती हैं।
जयपुर
राजस्थानी शान में कान्हा के दिव्य दर्शन करने के लिए जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर जाएं। इस मंदिर में झांकियां पारंपरिक राजस्थानी परिधान, कांच की सजावट और फूलों की खुशबू से महकती हैं।
दिल्ली
कृष्ण जन्माष्टमी पर आधुनिक और पारंपरिक का संगम का मेल आपको दिल्ली में देखने को मिल सकता है। दिल्ली के इस्कॉन मंदिर और प्रमुख कॉलोनियों के पंडालों में झांकियां आधुनिक लाइटिंग और डिजिटल इफेक्ट्स के साथ सजाई जाती हैं।