Raksha Bandhan Traditions Across India: रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, भाई-बहन के रिश्ते का सबसे प्यारा उत्सव है। हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाला यह पर्व भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है। कहीं सैनिकों को राखी बांधी जाती है, तो कहीं बहनें पेड़ों या नदियों को भी राखी बांधकर पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेती हैं। भले ही इस पर्व को मनाने की परंपरा अलग हो लेकिन भाव एक ही होता है, प्रेम और सुरक्षा। आइए जानते हैं रक्षाबंधन के कुछ ऐसे यूनिक ट्रेडिशन्स, जो हर राज्य को खास बनाते हैं।
राजस्थान का रक्षाबंधन
राजस्थान में पेड़ों को राखी और राजतिलक की परंपरा है। यहां बहनें भाइयों के साथ-साथ वृक्षों को भी राखी बांधती हैं और पर्यावरण रक्षा की कसम लेती हैं। कुछ जगहों पर भाइयों को "राजा" मानकर उनका राजतिलक किया जाता है।
महाराष्ट्र की राखी
यह नाराली पूर्णिमा और कोली रक्षाबंधन के तौर पर मनाई जाती है। यह दिन समुद्र देवता की पूजा के लिए भी जाना जाता है। कोली समुदाय की महिलाएं मछुआरे भाइयों को राखी बांधती हैं और समुद्र में नारियल अर्पित करती हैं।
उत्तर प्रदेश का रक्षाबंधन
भाई को राखी बांधने के साथ ही उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बहनें सैनिकों और पुलिसकर्मियों को भी राखी बांधती हैं। यहां की बच्चियां और महिलाएं रक्षाबंधन पर देश के रक्षकों जैसे पुलिस और सेना के जवानों को राखी बांधती हैं और उनका आभार जताती हैं।
झारखंड और छत्तीसगढ़ की राखी
आदिवासी संस्कृति में यह भाई-बहन का अनोखा त्योहार है।आदिवासी समाज में राखी का अपना ही अंदाज है, वे राखी को सिर्फ भाई-बहन तक सीमित न रखकर पूरे समाज और समुदाय की सुरक्षा की भावना से जोड़ते हैं।
उत्तराखंड
देवभूमि उत्तराखंड में देवताओं को रक्षा सूत्र बांधते हैं। यहां पंडित रक्षाबंधन पर श्रावणी संस्कार करते हैं, जिसमें यजमान को रक्षा सूत्र बांधा जाता है। यहां यह पर्व धार्मिकता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।