City Wealth Index: Mumbai ahead of Washington, Moscow, Toronto
मैं टोरोंटो अक्सर जाता रहता हूं। कुछ समय पहले ही मेरा टोरोंटो जाना हुआ। टोरोंटो में मुझे सर्दी का मौसम बहुत पसंद है। जब यहां बर्फ गिरती है, तो वह लम्हा मुझे ऐसा लगता है कि कैमरे में कैद कर लूं। खाने के मामले में मैं ज्यादा प्रयोग करना पसंद नहीं करता, कोशिश करता हूं कि भारतीय खाना ही खाऊं। कनाडा में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी तादात है, इसलिए कहीं न कहीं भारतीय भोजन मिल ही जाता है। वहां भारतीय गानों को लोग बहुत पसंद करते हैं।
वहां हमारी भारतीय संस्कृति बहुत फल-फूल रही है। टोरोंटो का प्रसिद्ध लैंडमार्क 553-मीटर का सीएन टॉवर, शहर के आकर्षण में से एक है और आपके लिए इसके आकर्षण से बचना मुश्किल है। शहर में लगभग हर जगह से इसे देखा जा सकता है। वहीं, यहां की प्रसिद्ध दूनदैस स्ट्रीट दरअसल वहां की अनेक छोटी-छोटी गलियों को एक साथ जोड़ देने के कारण बनी है, जिसमें घूमने में बहुत मजा आता है। आप एक के बाद एक गलियों में कब पहुंच जाते हो, पता ही नहीं चलता।
यहां का रॉयल ओंटारियो संग्रहालय भी मुझे बहुत पसंद आया। यह संग्रहालय कनाडा के प्रमुख संग्रहालयों में से एक है। रॉयल ओंटारियो संग्रहालय विश्व संस्कृति और प्राकृतिक इतिहास का संग्रहालय है। टोरोंटो का विशाल चिड़ियाघर भी शहर में घूमने लायक एक दिलचस्प जगह है। सेंट लॉरेंस मार्केट भी टोरोंटो में आकर्षण का केंद्र है। इस मार्केट में हमेशा लोगों की चहल-पहल बनी रहती है। वहीं अगर आप टोरोंटो एंटरटेनमेंट डिस्ट्रिक्ट नहीं गए, तो समझिए शहर की सांस्कृतिक विरासत से अछूते रह गए।
टोरोंटो का ट्राम सिस्टम यानी स्ट्रीट कार सिस्टम कोलकाता की याद दिलाता है। इन ट्रामों का इतिहास भी बड़ा पुराना है। शाम को यह जगह जीवंत हो उठती है। यहां नए-नए शोज, संगीत और अन्य प्रदर्शन कलाओं के साथ प्रमुख थिएटर प्रस्तुतियां भी देखने को मिलती हैं। मैं जब भी टोरोंटो जाता हूं, तो कुछ समय बीच के किनारे जरूर बिताता हूं। जैसे ही अपने काम से फुर्सत मिलती है, मैं फिर से टोंरटो जाना चाहूंगा।
-नंद राम प्रजापति से बातचीत पर आधारित