रावण दहन एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, मेला, राम लीला और लोक उत्सव का केंद्र है। दशहरा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। देशभर में कई राज्यों और शहरों में रावण का पुतला बनाया जाने लगा है ताकि दशमी के दिन दहन किया जा सके। इस दौरान कुछ स्थानों पर राम लीला और दशहरा का मेला सज गया है। दिल्ली या आसपास के रहने वाले हैं तो आपके पास घर से बहुत दूर न जाकर, नजदीकी बड़े मैदानों या रामलीला स्थलों पर रावण दहन देखने का मौका है।
आइए जानते हैं दिल्ली एनसीआर में कहां-कहां रावण वध होगा।
दिल्ली-एनसीआर में प्रसिद्ध रावण दहन स्थल
रामलीला मैदान, दिल्ली
यह दिल्ली का पारंपरिक और प्रतिष्ठित रामलीला स्थल है। रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम यहां होता है। यहां पहुंचने के लिए दिल्ली मेट्रो से येलो लाइन के जरिए नई दिल्ली स्टेशन या दिल्ली गेट पहुंचें। बेहतर होगा कि शाम से पहले गंतव्य पर पहुंच जाएं।
लाल किला मैदान
यहां लव-कुश रामलीला कमिटी की रामलीला और दहन कार्यक्रम होते हैं। लाल किला मैदान पहुंचने के लिए पुराने दिल्ली जाएं। यहां से करीब नेताजी सुभाष मार्ग और आसपास के मार्गों पर ट्रैफिक जाम रहता है।
द्वारका, सेक्टर 10 मैदान
यह पश्चिमी दिल्ली में लोकप्रिय स्थल है। पिछले साल दिल्ली में 211 फीट की विशाल रावण पुतला यहां स्थापित किया गया था। यहां पहुंचने के लिए मेट्रो, कैब या आॅटो से पहुंचना आसान होगा। शाम में जाम की संभावना होती है, इसलिए समय पर निकलें।
नोएडा या ग्रेटर नोएडा स्टेडियम/ मेला आयोजन स्थल
नोएडा में भी बड़े रामलीला कार्यक्रम और मेले लगते हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्टेडियम में रावण दहन का भव्य आयोजन होता है। इन स्थलों पर गाजियाबाद और नोएडा इलाकों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट या निजी वाहन से पहुंचा जा सकता है।
सुभाष मैदान, दिल्ली
यह रामलीला आयोजन में पुराना और प्रसिद्ध मैदान है। आप यहां भी दशहरा का मेला देखने जा सकते हैं और रावण दहन देख सकते हैं। पास की स्थानीय सड़कों से पहुंचना संभव है। हालांकि यहां भीड़ अधिक होती है। इसलिए सावधानी से जाएं।
दशहरा मेला घूमने के लिए जरूरी टिप्स
- रावण दहन मुहुर्त के हिसाब से होता है। आमतौर पर शाम के बाद लगभग 7:30 बजे या उससे बाद ही रावण का पुतला जलाया जाता है। इसलिए वक्त से पहले पहुंचें, ताकि भीड़ से बच सकें और मेला घूम पाएं। शाम 5 बजे के आसपास पहुंच जाना बेहतर रहता है।
- दशहरा के दिन प्रमुख मार्ग और नज़दीकी सीमाएं बंद या मोड़ ली जाती हैं। पूर्व तैयारियों की खबर देखें और वैकल्पिक मार्ग चुनें। रूट डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए मेला जाएं।
- मेट्रो, बस या लोकल ट्रेन सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प हो सकते हैं। निजी वाहन पार्किंग और भीड़ की समस्या कर सकते हैं।
- बड़े आयोजनों में धक्कामुक्की और भीड़ हो सकती है। इसलिए खुली जगह चुनें। यहां से खड़े होकर बेहतर दृश्य देखने को मिलेगा।
- मेले में जाएं तो जरूरी सामान साथ रखें। जैसे पानी, कुछ स्नैक्स, मोबाइल चार्जर और जरुरी दवाएँ साथ होनी चाहिए। हालांकि कीमती चीजें, अधिक पैसे न ले जाएं और अपने सामान की सुरक्षा का ध्यान रखें।