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Surajkund Mela 2025: इस साल कब से कब तक लगेगा सूरजकुंड मेला? जानिए कैसे पहुंच सकते हैं आप

Mon, 22 Sep 2025 12:43 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Surajkund Diwali Mela 2025: 2025 में सूरजकुंड दिवाली मेले में क्या नया है, कहां से जाना है, टिकट कैसे लें, जानिए पूरी ट्रैवल डिटेल्स और प्लानिंग टिप्स जो आपकी दिवाली को यादगार बना देंगी।
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सूरजकुंड दिवाली मेला File Image - फोटो : instagram
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विस्तार
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Surajkund Diwali Mela 2025:  दीपों की रोशनी, त्यौहार की खुशबू और सांस्कृतिक झलक सब कुछ एक जगह पर सूरजकुंड दिवाली मेला में देखने को मिलती है। हर साल जहां दिल्ली-एनसीआर के लोग दिवाली के त्योहार को एक नए अंदाज़ से मनाते हैं, वहीं ये मेला उन लोगों के लिए खास है जो त्यौहार का आनंद सिर्फ घर तक सीमित न रखते हुए उसे बाहर जाकर जीना चाहते हैं। सूरजकुंड दिवाली मेला 2025 सिर्फ एक मेला नहीं है, यह दिवाली के त्योहार का सांस्कृतिक उत्सव है जहाँ आप आनंद, शॉपिंग और लोक कला का मिश्रण पा सकते हैं। चाहे आप परिवार के साथ जाएँ, मित्रों के साथ या अकेले  सही प्लानिंग से यह अनुभव आपके लिए अमूल्य हो सकता है। 2025 में सूरजकुंड दिवाली मेले में क्या नया है, कहां से जाना है, टिकट कैसे लें, जानिए पूरी ट्रैवल डिटेल्स और प्लानिंग टिप्स जो आपकी दिवाली को यादगार बना देंगी।

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सूरजकुंड दिवाली मेला 2025 कब लगेगा?

सूरजकुंड मेले का आयोजन दशहरा यानी 2 अक्टूबर से होने जा रहा है। इस वर्ष सूरजकुंड मेला 2 अक्तूबर से 7 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान सुबह से शाम तक मेला लोगों के लिए खुला रहेगा। 

कहां लगता है सूरजकुंड मेला?

सूरजकुंड मेला हरियाणा के फरीदाबाद में सूरजकुंड मैदान में लगता है, जिसमें प्रवेश के लिए टिकट पर कुछ राशि आपको व्यय करनी पड़ सकती है। हालांकि आम तौर पर दिवाली मेले में प्रवेश शुल्क मामूली रहता है।
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कैसे पहुंचे सूरजकुंड मेला?

अगर आप हवाई मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, यानी दूर किसी शहर या राज्य से पहुंच रहे हैं तो सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, दिल्ली है। वहां से फरीदाबाद के लिए टैक्सी या प्री-बुकेड कार आसानी से मिल जाती है।

बजट में यात्रा के लिए रेल मार्ग का चयन कर सकते हैं। नई दिल्ली , नजफगढ़ या अन्य निकटतम स्टेशन से फरीदाबाद या गुड़गांव के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं।

दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव वाले निजी वाहन, टैक्सी या बस से भी सूरजकुंड मेला सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। मेले के आसपास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था रहती है।

ठहरने का विकल्प

मेले के निकट होटल और गेस्ट हाउस मिल जाएंगे। दूर से आ रहे हैं तो फरीदाबाद या गुड़गांव  में होटल के कई विकल्प हैं जो बजट में मिल सकते हैं। हालांकि यात्रा से पहले ही परिवहन और होटल आदि की बुकिंग करा लें। 

 
मेले में क्या होगा खास?

सांस्कृतिक कार्यक्रम: लोक नृत्य, संगीत, फोक लोकल बैंड, थिएटर आदि कार्यक्रम होंगे।
शिल्प और हस्त-कलाएं: हस्तशिल्प की विभिन्न कृतियाँ, पारंपरिक वस्त्र, घर-सजावट, गहने आदि स्टॉल होंगे।
भोजन: भारतीय व्यंजन के साथ दिवाली स्पेशल स्नैक्स और मिष्ठान्न stalls।
रोशनी और सजावट: दिवाली मेले का मुख्य आकर्षण होती है आकर्षक लाइटिंग, दीयें, रंगोली और पारंपरिक सजावट।


सफर की पूरी प्लानिंग

  • अगर आप सूरजकुंड मेला देखने जाना चाहते हैं तो वीकेंड ट्रिप के बजाय सप्ताह के अन्य 5 दिनों पर यात्रा करें। इस दौरान भीड़ कम होती है और ट्रैफिक से बचने का बेहतर मौका मिलता है। 
  • यदि ऑनलाइन विकल्प हों, तो पहले से टिकट बुकिंग करा लें ताकि लाइन-लागत से बचा जा सके।
  • सफर के दौरान आरामदायक कपड़े और जूते पहनें। भीड़ में चलने के लिए आरामदायक वस्त्र और जूते जरूरी हैं।
  • कुछ स्टॉल पर सिर्फ कैश हो सकता है, कुछ पेमेंट ऐप स्वीकारते होंगे। मिश्रित विकल्प रखें।
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