सूर्य देवता को जल अर्घ्य देना प्रमुख अनुष्ठान है और घाट पर उगते और ढलते सूर्य को अर्घ्य देकर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है। ऐसा माना जाता है कि जल के माध्यम से सूर्य की किरणों से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है जो शरीर और मन को शुद्ध करती है। घाट पर पूजा करने से वातावरण शुद्ध रहता है और सामूहिक रूप से एक ही स्थान पर पूजा करने से सामाजिक और सामुदायिक एकता को भी बढ़ावा मिलता है।
अगर आप भी छठ की पूजा कर रहे हैं तो अपने शहर के प्रमुख घाट पर पूजा के लिए जा सकते हैं। दिल्ली एनसीआर के रहने वाले हैं तो यहां पांच ऐसी जगहें हैं, जहां छठ पूजा के लिए घाट मिल जाएंगे।
यमुना घाट, आईटीओ
दिल्ली का सबसे पुराना और छठ पूजा के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ वाला स्थान यमुना घाट है। आईटीओ का यमुना घाट हजारों भक्तों के लिए पूजा का स्थल है। यहां पहुंचने के लिए कश्मीरी गेट से जाया जा सकता है। इस ऐतिहासिक घाट पर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती बड़ी संख्या में पहुंचती हैं।
नोएडा स्टेडियम घाट
नोएडा के सेक्टर 21A में नोएडा स्टेडियम स्थित है, जहां एक नया घाट अस्थाई रूप से बनाया गया है। छठ पूजा के लिए खास तौर पर बनाए गए इस घाट की लंबाई 150 फीट और चौड़ाई 60 फीट तक फैली है। घाट को इतना विशाल बनाया गया है कि हर साल ढाई लाख से अधिक भक्त एक साथ सूर्यदेव को अर्घ्य दे सकते हैं। सुबह के दौरान यहां बहुत ज्यादा भीड़ होती है।
कुदेसिया घाट
दिल्ली के कश्मीरी गेट पर स्थित कुदेशिया घाट काफी स्वच्छ और सुंदर स्थल है। इस घाट पर काफी सुविधाएं हैं जिसके कारण पूजा के लिए आए भक्त प्रसन्न हो जाते हैं। यहां आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का शानदार मिश्रण देखने को मिलता है।
वजीराबाद ब्रिज घाट
दिल्ली के लोग वजीराबाद पुल के पास स्थित यमुना घाट पर भी छठ पूजा के लिए जा सकते हैं। फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के बीच ये घाट लोकप्रिय है। यहां के खूबसूरत नजारों के बीच पूजा करने का अनुभव काफी अच्छा हो सकता है। राजीव नगर से वजीराबाद पुल जाया जा सकता है।
पाम पार्क
ग्रेटर नोएडा के रहने वाले लोगों को ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं, छठ पूजा के लिए वह डेल्टा 1 में शांत पाम पार्क जा सकते हैं। यह पार्क काफी शांतिपूर्ण है और छठ पूजा अनुष्ठान के लिए इसे स्थानीय अधिकारियों ने तैयार कराया है। आप सुबह के वक्त परिवार संग घूमने के लिए इस पार्क में आ सकते हैं।