Swami Vivekananda Anmol Vichar
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स्वामी विवेकानंद आगे बोले,
"मुझे इस बात का गर्व है कि मैं ऐसे धर्म से हूं जिसने दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया और हम सभी धर्मों को स्वीकार करते हैं। जिस तरह अलग-अलग जगहों से निकली नदियां, अलग रास्तों से होकर समुद्र में मिलती हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य भी अपनी इच्छा से अलग रास्ते चुनता है। ये रास्ते दिखने में भले ही अलग-अलग लगते हैं लेकिन ये सभी ईश्वर तक ही जाते हैं।"
स्वामी विवेकानंद का जीवन
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ। उनका असली नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। गुरु रामकृष्ण परमहंस के मार्गदर्शन में सांसारिक मोह-माया को त्याग कर स्वामी विवेकानंद ने संन्यास ले लिया। विवेकानंद जी ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में महान योगदान दिया गया।