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मां बनने का दर्द नहीं झेलना चाहतीं अमीर औरतें, करवा रही हैं सिजेरियन

Mon, 27 Feb 2017 02:43 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला,नई दिल्ली
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अमीर महिलाएं दर्द से बचने के लिए सर्जरी करवा रही हैं। ये बात एक ताजा रिपोर्ट में सामने आई है। इसके मुताबिक, देश में सिजेरियन डिलवरी के मामलों में हुई बढ़ोतरी के लिए अमीर वर्ग जिम्मेदार है। निजी अस्पताल वाले महिलाओं को प्रसव पीड़ा से बचाने के लिए और पैसा कमाने के लिए सिजेरियन का पक्ष ले रहे हैं।
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30 फीसदी तक पहुंच गए हैं ऐसे मामले

अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल 'लान्सेट' की मातृत्व स्वास्थ्य की इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का अमीर वर्ग डिलवरी के लिए ऑपरेशन को प्राथमिकता दे रहा है। इस कारण 21 वर्ष में 2014 तक इस वर्ग में ऑपरेशन के मामले लगभग 10 फीसदी से बढ़कर 30 फीसदी पहुंच गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य नमूना सर्वे की रिपोर्ट 2015-16 से भी इसकी पुष्टि होती है। 

दुनियाभर में बढ़ा रहा है चलन

रिपोर्ट के मुताबिक भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में इसके मामले बढ़ रहे हैं। 2010 में उच्च और मध्यम आय वर्ग वाले देशों में 35 लाख से 57 लाख ऐसे मामले सामने आए है जिनमें सिजेरियन की आवश्यकता नहीं थी। वहीं गरीब देशों में 10 से 35 लाख ऐसे मामले हुए हैं जिनमें सिजेरियन की जरूरत थी लेकिन उन्हें ये सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
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निजी अस्पताल वालों का गोरखधंधा

सिजेरियन
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सिजेरियन से डिलवरी पर रोक लगाने के लिए सरकार को सुझाव भेजा है। उनका कहना है कि इस पर रोक तब ही लग पाएगी जब निजी अस्पतालों और डॉक्टरों को इसके कारणों के बारे में बताना अनिवार्य किया जाएगा।
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