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तनाव से रहना चाहते हैं दूर तो जुबान पर भी ना लाएं इसका नाम

Tue, 25 Apr 2017 06:20 PM IST
amarujala.com- Presented By: पवनप्रीत कौर
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स्ट्रेस
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अगर कोई व्यक्ति तनाव में है तो उसे स्ट्रेस (तनाव) शब्द बोलने से भी बचना चाहिए। ब्रिटिश शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर आप तनाव से बचना हैं तो आपको अपने शब्दकोश से इस शब्द को निकाल देना चाहिए। अध्ययन में ये बताया गया कि स्ट्रेस बोलते ही शरीर के कुछ कैमिकल्स सक्रिय हो जाते हैं। 
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शोधकर्ता क्लीनिकल साइकोथैरेपिस्ट सेठ स्विरस्काई का कहना है कि स्ट्रेस शब्द आपकी जिंदगी पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। अध्ययन में पाया गया कि स्ट्रेस शब्द बोलते ही शरीर में एपीनेफ्रिन और कार्टिसोल बढ़ जाते हैं और मस्तिष्क में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर्स आपको और भी ज्यादा स्ट्रेस्ड फील करवाते हैं। 

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ऐसे में दिल तेजी से धड़कने लगता है और सांसे भी तेज हो जाती हैं। इस दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से हम कुछ सोच नहीं पाते और डर तथा चिंता का शिकार बनने लगते हैं।
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स्ट्रेस से दूर रहने के लिए हमें हमारी भाषा और सोच में सुधार करना होगा। अगर आप कभी खुद को स्ट्रेस्ड महसूस करें भी तो तुरंत खुद से बातें, सकारात्मक किताबें पढ़ना आदि काम शुरू कर देने चाहिए। 

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डॉ. प्रतिमा रायचुर का कहना है कि इस शब्द को ही हमें दिमाग से निकाल देना चाहिए और ये मेडिटेशन तथा एक्सरसाइज से ही संभव है। इसलिए हमें पहले अपनी आदतें पहचाननी होंगी और सोच को सकारात्मक रखना होगा।

हाल ही हुए एक दूसरे अध्ययन में पाया गया कि अगर कोई स्ट्रेस्ड टास्क मिले तो उसे हमें मुस्कुरा कर स्वीकार कर लेना चाहिए। ऐसा करने से दिल की धड़कन और कार्टिसोल लेवल सामान्य रहते हैं।
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