वजह को पहचानिए
किसी परेशानी की वजह से नकारात्मक विचार दिमाग में चलते हैं। यह परेशानी घर, ऑफिस, कारोबार या निजी संबंधों के कारण भी हो सकती है। परेशानी को पहचानें, उसका हल खोजें। इसका लाभ यह होगा कि दिमाग शांत होगा और आप बेहतर तरीके से अपने कार्यों को कर पाएंगे।
यदि नकारात्मकता दिमाग पर हावी हो रही है, तो सबसे अच्छा माध्यम है कि आप अपने मन की बात अपने परिवार, दोस्त या किसी खास व्यक्ति से साझा करें। इससे दिमाग शांत होगा और आप बेहतर महसूस करेंगे।
शोधकर्ताओं की माने, तो हमारे इमोशंस हमारे इम्यून सिस्टम को प्रभावित करते हैं। मन के अंदर चलने वाली उलझन से बाहरी बदलाव भी दिखने लगते हैं। यह बढ़ते वजन का कारण भी होती है। इससे याददाश्त भी कम होने लगती है। नींद न आना, अवसाद बढ़ना भी इसी कारण से होता है।
चिकित्सकों के अनुसार, तनाव से दिल संबंधी बीमारी, ब्रेन हेमरेज, बीपी बढ़ना आदि बीमारी हो सकती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैर्लिफोनिया के शोधकर्ताओं का मानना है कि कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियां मन और उसके व्यवहार से जुड़ी होती हैं।
डॉक्टर कहते हैं
एम्स दिल्ली के मनोचिकित्सक डॉ. हर्षित गर्ग बताते हैं कि यदि नकारात्मक विचार लगातार बने रहें, तो इनसे हमारी आत्मशक्ति कम हो जाती है। हम डिप्रेशन में जा सकते हैं। इससे हमारे काम, दिनचर्या, कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है। साथ ही कई बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
कई शोधों में यह बात सामने आई है कि इससे हमारा इम्यून सिस्टम भी प्रभावित होता है। ज्यादा नकारात्मक सोचने वाले लोग या तो कम खाने लगते हैं या ज्यादा खाने लगते हैं। इसका नींद प्रभावित होती है और व्यक्ति ब्ल्ड प्रेशर, डायबिटीज का शिकार भी हो सकता है।
अमर उजाला के खुला पन्ना से साभार