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Solar Cooker: LPG बचाने का आसान तरीका, सोलर कुकर में बनाएं खाना; जानिए कैसे करता है काम

Sat, 14 Mar 2026 05:55 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

सोलर कुकर एक ऐसा उपकरण है जो सूरज की ऊर्जा से खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें शीशे या रिफ्लेक्टर की मदद से सूर्य की किरणों को एक जगह केंद्रित किया जाता है, जिससे गर्मी पैदा होती है और उसी से भोजन पकता है। 
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सोलर कुकर कैसे काम करता है - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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Solar Cooker Kya Hai? मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति का असर भारत की एलपीजी गैस पर दिख रहा है। लोग गैस की किल्लत से चिंतित हैं, तो वहीं गैस सिलेंडर के दाम दिन-पर दिन बढ़ने से भी लोग एलपीजी गैस के इस्तेमाल को लेकर परेशान रहते हैं। कुछ लोग गैस की खपत कम करने के लिए माइक्रोवेव, इंडक्शन जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग बढ़ा रहे हैं लेकिन इससे बिजली का बिल बढ़ेगा औऱ जेब पर बोझ भी। 

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गर्मियों में खाना पकाने के लिए आपको एलपीजी गैस और बिजली का बिल बढ़ाने वाले इंडक्शन की जरूरत नहीं है। गर्मियों की तेज धूप का सही इस्तेमाल किया जाए तो यह किचन का सबसे सस्ता और पर्यावरण अनुकूल ईंधन बन सकती है। इस सिद्धांत पर काम करता है सोलर कुकर। 

सोलर कुकर एक ऐसा उपकरण जो सूरज की ऊर्जा से खाना पकाता है यानी न गैस की जरूरत, न बिजली की। बस धूप होनी चाहिए और आपका खाना तैयार। भारत जैसे देश में, जहां साल के अधिकांश महीनों में धूप भरपूर मिलती है, सोलर कुकर को लंबे समय से एक उपयोगी विकल्प माना जाता रहा है।
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ऊर्जा संकट और बढ़ती LPG कीमतों के कारण अब फिर से सोलर कुकर की चर्चा बढ़ रही है। कई सरकारी योजनाएं और संस्थान लोगों को इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित भी कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक, जहां धूप उपलब्ध है, वहां यह उपकरण कम खर्च में खाना पकाने का टिकाऊ विकल्प बन सकता है। आइए जानते हैं कि सोलर कुकर का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।


सोलर कुकर क्या है?

सोलर कुकर एक खास तरह का कुकिंग उपकरण है जो सूर्य की किरणों को इकट्ठा करके गर्मी पैदा करता है। इसी गर्मी से भोजन पकाया जाता है। इसमें आमतौर पर तीन मुख्य हिस्से होते हैं, 

रिफ्लेक्टर– सूर्य की रोशनी को अंदर की ओर मोड़ता है।
कुकिंग बॉक्स – जहां बर्तन रखे जाते हैं।
ग्लास कवर – गर्मी को अंदर बनाए रखता है।

जब सूर्य की किरणें अंदर जाती हैं, तो बॉक्स के भीतर तापमान धीरे-धीरे बढ़ जाता है और खाना पकने लगता है।


सोलर कुकर कैसे काम करता है?

सोलर कुकर बिल्कुल प्रकृति के नियमों पर आधारित है। अगर धूप तेज है तो ये बहुत आसानी से काम करता है। अच्छी धूप में सोलर कुकर का तापमान 100 से 140 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 

  • सूरज की किरणें रिफ्लेक्टर से टकराकर कुकिंग बॉक्स में जाती हैं।
  • बॉक्स के अंदर काली सतह गर्मी को सोख लेती है।
  • ग्लास कवर गर्मी को बाहर निकलने से रोकता है।
  • धीरे-धीरे तापमान इतना बढ़ जाता है कि खाना पक जाता है।


सोलर कुकर में क्या-क्या बनाया जा सकता है?

सोलर कुकर में कई तरह के भारतीय व्यंजन आसानी से बन सकते हैं। जैसे, दाल, चावल, सब्जी, खिचड़ी, उबले आलू और चाय। हालांकि इसमें खाना गैस की तुलना में थोड़ा धीमे पकता है, लेकिन स्वाद और पोषण दोनों बने रहते हैं।


सोलर कुकर के फायदे
 

  • गैस और बिजली की बचत

सोलर कुकर का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें किसी ईंधन की जरूरत नहीं होती। इससे LPG और बिजली दोनों की बचत होती है।
 

  • पर्यावरण के लिए बेहतर

यह पूरी तरह स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त तकनीक है। इसमें धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होता।

  • सुरक्षित कुकिंग

गैस स्टोव की तरह आग या सिलेंडर का खतरा नहीं होता, इसलिए यह अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।

  • पोषण बरकरार

धीमी आंच पर पकने की वजह से खाने के पोषक तत्व अधिक सुरक्षित रहते हैं।


सोलर कुकर इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने वाली बातें

  • इसे हमेशा खुली धूप में रखें।
  • बर्तन काले रंग के हों तो बेहतर गर्मी मिलती है।
  • खाना पकने में सामान्य से अधिक समय लग सकता है।
  • बादल या बारिश के मौसम में इसका उपयोग सीमित हो जाता है।
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