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शारदीय नवरात्रि 2026: नवरात्र के 9 दिनों में किस दिन-किस देवी की पूजा? यहां देखें पूरा कैलेंडर

Sat, 10 Oct 2026 12:59 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shardiya Navratri 2026 Day-Wise Calendar: 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस बार मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का दिनवार कैलेंडर पाठकों के लिए खास उपयोगी रहेगा। 19 अक्टूबर को महाष्टमी और महानवमी, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।
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नवरात्रि के 9 दिन इन 9 देवियों की पूजा की जाती है - फोटो : AI
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विस्तार
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Shardiya Navratri 2026 Calendar: शारदीय नवरात्र हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। साल 2026 में शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इसके बाद अगले आठ दिनों तक मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है।

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भक्त इस दौरान व्रत रखते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। अगर आप भी नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करना चाहते हैं, तो यहां जानिए दिनवार कैलेंडर, प्रमुख तिथियां और विजयादशमी की तारीख।


नवरात्र 2026 का पूरा दिन- वार कैलेंडर

  • पहला दिन: 11 अक्टूबर 2026, मां शैलपुत्री की पूजा

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है। इसी दिन घटस्थापना या कलश स्थापना के साथ नवरात्र पूजा का शुभारंभ होता है। मां शैलपुत्री को शक्ति और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है।

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  • दूसरा दिन: 12 अक्टूबर 2026, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। धार्मिक मान्यताओं में देवी का यह स्वरूप तपस्या, संयम, धैर्य और साधना का प्रतीक माना जाता है।
 

  • तीसरा दिन: 13 अक्टूबर 2026, मां चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। देवी का यह स्वरूप साहस, शौर्य और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा का प्रतीक माना जाता है।
 

  • चौथा दिन: 14 अक्टूबर 2026, मां कूष्मांडा की पूजा

चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी का यह स्वरूप सृष्टि की ऊर्जा और प्रकाश से जुड़ा है।
 

  • पांचवां दिन: 15 अक्टूबर 2026, मां स्कंदमाता की पूजा

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। देवी को भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है। भक्त परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।
 

  • छठा दिन: 16 अक्टूबर 2026, मां कात्यायनी की पूजा

नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी का यह स्वरूप शक्ति, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।
 

  • सातवां दिन: 17 अक्टूबर 2026, मां कालरात्रि की पूजा

सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। मां कालरात्रि को नकारात्मकता और भय का नाश करने वाली देवी माना जाता है।

  • आठवां दिन: 18 अक्टूबर 2026, मां महागौरी की पूजा

परंपरागत नवदुर्गा क्रम में आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है। देवी का यह स्वरूप शांति, पवित्रता और करुणा का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, 2026 में तिथि के स्थानीय पंचांग के अनुसार क्रम और अनुष्ठानों में अंतर हो सकता है।

  • नौवां दिन: 19 अक्टूबर 2026, मां सिद्धिदात्री की पूजा

नवदुर्गा परंपरा में नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। उन्हें सिद्धियों और आध्यात्मिक उन्नति की देवी माना जाता है। इस दिन कई परिवारों में कन्या पूजन, हवन और विशेष पूजा की जाती है।


कब है दुर्गा अष्टमी, महानवमी और दशहरा 2026?

 

शारदीय नवरात्र के दौरान दुर्गा अष्टमी और महानवमी का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में तिथियों के संयोग के कारण कुछ पंचांगों में 19 अक्टूबर को महाष्टमी और महानवमी से जुड़े अनुष्ठान बताए गए हैं। इसलिए कन्या पूजन, हवन और व्रत पारण का समय तय करने से पहले अपने स्थानीय पंचांग की जांच जरूर करें। विजयादशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

नवरात्र में इन बातों का रखें ध्यान

 

नवरात्र के दौरान भक्त अपनी पारिवारिक परंपरा और श्रद्धा के अनुसार व्रत, पूजा-पाठ और आरती करते हैं। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त स्थानीय पंचांग से जांचें। अष्टमी और नवमी के अनुष्ठानों की तारीख तय करने से पहले तिथि के समय की पुष्टि करें।

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