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शारदीय नवरात्रि 2026: कल से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें घटस्थापना से पहले क्या करें और क्या न करें

Sat, 10 Oct 2026 12:21 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ghatasthapana 2026 Puja Rules: नवरात्र 2026 में घटस्थापना से पहले क्या करें और क्या न करें? जानें पूजा की तैयारी, जरूरी सामग्री, धार्मिक मान्यताएं और महत्वपूर्ण नियम।
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नवरात्रि घटस्थापना से पहले क्या करें और क्या नहीं - फोटो : AI
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विस्तार
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Navratri 2026: नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और साधना का विशेष अवसर माना जाता है। इस दौरान भक्त नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। नवरात्र की शुरुआत घटस्थापना यानी कलश स्थापना से होती है। 

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इस वर्ष नवरात्रि 11 अक्तूबर 2026 को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा शुरू करने से पहले घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करना, आवश्यक सामग्री जुटाना और पूजा की विधि की जानकारी रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। घटस्थापना से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप पूजा की तैयारी व्यवस्थित तरीके से कर सकते हैं।


घटस्थापना से पहले क्या करें?

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1. घर और पूजा स्थल की सफाई करें: नवरात्र शुरू होने से पहले घर के मंदिर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें। पूजा सामग्री रखने के लिए स्वच्छ स्थान तैयार करें।

2. पूजा सामग्री पहले से जुटा लें: कलश, शुद्ध जल, मिट्टी, जौ, नारियल, लाल कपड़ा, अक्षत, रोली, फूल और दीपक जैसी आवश्यक सामग्री अपनी पूजा विधि के अनुसार तैयार रखें।

3. घटस्थापना का शुभ मुहूर्त जानें: कलश स्थापना के लिए पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें। मुहूर्त की जानकारी अपने स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय पुरोहित से प्राप्त करें।

4. पूजा का संकल्प लें: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर मां दुर्गा का स्मरण करें और श्रद्धापूर्वक पूजा का संकल्प लें।

5. अखंड ज्योति की तैयारी करें: यदि आप अखंड ज्योति जलाने की परंपरा निभाते हैं, तो उसकी सुरक्षित व्यवस्था पहले से कर लें।



घटस्थापना से पहले क्या न करें?


1. पूजा की तैयारी आखिरी समय पर न छोड़ें: आवश्यक सामग्री पहले से व्यवस्थित रखें, ताकि पूजा के दौरान परेशानी न हो।

2. शुभ मुहूर्त की अनदेखी न करें: घटस्थापना के समय के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए निर्देशों का पालन करें।

3. पूजा स्थल की स्वच्छता को नजरअंदाज न करें: धार्मिक परंपराओं में पूजा के स्थान की सफाई और पवित्रता को विशेष महत्व दिया जाता है।

4. परंपराओं को लेकर भ्रमित न हों: अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा के नियमों में अंतर हो सकता है। अपनी पारिवारिक परंपरा या विश्वसनीय धार्मिक मार्गदर्शन के अनुसार पूजा करें।

5. दीपक और अखंड ज्योति को असुरक्षित न छोड़ें: आग से बचाव के लिए दीपक को स्थिर स्थान पर रखें और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।


घटस्थापना का क्या है धार्मिक महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घटस्थापना को नवरात्र पूजा की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। कलश को शुभता, समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के दौरान भक्त मां दुर्गा की आराधना करते हैं, व्रत रखते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ करते हैं।

नवरात्र की तैयारी करते समय सबसे जरूरी है कि पूजा श्रद्धा, स्वच्छता और सही जानकारी के साथ की जाए। घटस्थापना की तिथि, शुभ मुहूर्त और विधि की पुष्टि स्थानीय पंचांग से जरूर करें।

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