यूं तो फेसबुक पर अपने पेरेंट्स और को-वकर्स को फ्रेंड बनाना एक अच्छा आइडिया नहीं है। लेकिन बॉस को तो फेसबुक पर कतई फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं भेजना चाहिए। जानिए ऐसा क्यों है?
ये हम नहीं कह रहे बल्कि हालिया सर्वें में इस बात की पुष्टि हुई है। हफपोस्ट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सर्वें में 722 लोगों को शामिल किया गया था।
ये सर्वें सोडाहेड और अनॉनिमस फीडबैक साइट यू टेल द्वारा कराया गया था जिसमें 81 फीसदी लोगों का कहना था कि बॉस को फेसबुक पर फ्रेंड नहीं बनाना चाहिए। 25 से 34 साल की उम्र वाले लोग इसमें शामिल थे।
फेसबुक पर मत मारिए डींग, दोस्त कर देंगे अनफ्रेंड
महिलाओं के मुकाबले पुरूषों ने कहा कि बॉस को फ्रेंड बनाने में कोई दिक्कत नहीं है। वही जब को वकर्स के बारे में पूछा गया कि क्या वे अपने सहयोगियों को फेसबुक फ्रेंड बनाना चाहते हैं तो 55 फीसदी का कहना था कि हां वो अपने सहयोगियों को फेसबुक फ्रेंड बनाते हैं और 45 फीसदी का ना में जवाब था।
क्या कारण हैं बॉस और सहयोगियों को फ्रेंड ना बनाने के
दरअसल, जब आप फेसबुक पर सक्रिय होते हैं तो आपके सभी फेसबुक फ्रेंड आपके और आपकी लाइफ के बारे में अपडेट रहने लगते हैं। आपकी फोटो, फैमिली, छुट्टियों, आपके स्टेट्स और यहां तक की इवेंट्स जो आप अटेंड करते हैं, इन सबके बारे में आपके बॉस को पता चल सकता है।
आमतौर पर लोग नहीं चाहते कि उनके बारे में उनके बॉस को बहुत ज्यादा कुछ पता चले कि वो कैसे हैं। ना कि वे चाहते कि उनकी लाइफ की मस्ती और कॉलेज के दिन इत्यादि के बारे में उनके कुलीग या बॉस जानें।
आमतौर पर लोग ऑफिस में प्रोफेशनल रहना और बॉस से डिस्टेंस मेंटेन करना पसंद करते हैं। यदि आपके सहयोगी और आपके बॉस आपके बीते 5 सालों के बारे में जानते हैं तो वो आपको निजी तौर पर काफी करीब से जानने लगते हैं।
इतना ही नहीं, लोग ये भी नहीं चाहते कि उनकी लास्ट नाइट की पार्टी या मस्ती की फोटो बॉस या कुलीग देखें। वो अपनी ये पिक्स दूसरे दोस्तों को दिखाना चाहते हैं।
अगर आप ऑफिस टाइम में फेसबुक पर सक्रिय हैं तो इसका अंदाजा आपके बॉस को लग सकता है। ऐसे में ये भी संभव है कि आपको नौकरी से हाथ धोना पड़े।
2009 में एक ऐसा ही किस्सा आया था जब एक स्विस महिला को अपनी इंश्योरेंस जॉब से इसीलिए हाथ धोना पड़ गया था क्योंकि उसने बॉस को कहा था कि उसका कंप्यूटर काम नहीं कर रहा लेकिन उस महिला को फेसबुक पर एक्टिव पाया गया।
इतना ही नहीं, आपको सोशल नेटवर्किंग साइट पर काफी अलर्ट भी रहना पड़ता है कि कहीं कोई आपकी जॉब या काम के बारे में कुछ उल्टा सीधा ना लिख दें।
2010 में एक महिला को अपनी वेट्रेस की जॉब इसीलिए खोनी पड़ गई थी क्योंकि एक कपल ने उसकी शिकायत फेसबुक पर कर दी थी।