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Sandwich Generation: सैंडविच जनरेशन क्या है? जानिए इस पीढ़ी के लोगों की चुनौतियां

Fri, 28 Feb 2025 02:17 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

सैंडविच जनरेशन में 40 से 60 वर्ष की आयु के लोग आते हैं। ये टर्म उन लोगों के लिए उपयोग में आता है जो अपने बूढ़े माता-पिता और बच्चों दोनों की जिम्मेदारी एक साथ निभा रहे होते हैं। ऐसे लोग एक तरह से दो पीढ़ियों के बीच सैंडविच हो जाते हैं, इसलिए इन्हें सैंडविच जनरेशन कहा जाता है।
 
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क्या है सैंडविच जनरेशन - फोटो : istock
What is Sandwich Generation:  सैंडविच जनरेशन एक ऐसा टर्म है, जो कुछ वक्त से काफी चर्चा में हैं। सैंडविच जनरेशन में 40 से 60 वर्ष की आयु के लोग आते हैं। ये टर्म उन लोगों के लिए उपयोग में आता है जो अपने बूढ़े माता-पिता और बच्चों दोनों की जिम्मेदारी एक साथ निभा रहे होते हैं। ऐसे लोग एक तरह से दो पीढ़ियों के बीच सैंडविच हो जाते हैं, इसलिए इन्हें सैंडविच जनरेशन कहा जाता है।

कौन से लोग इस पीढ़ी में आते हैं?  
 
  • वे व्यक्ति जो अपने माता-पिता की देखभाल करते हैं और साथ ही अपने बच्चों की परवरिश भी कर रहे होते हैं।  
  • मिडिल-एज्ड प्रोफेशनल्स, जो अपने परिवार और करियर दोनों को संतुलित करने की कोशिश कर रहे होते हैं।
  • आमतौर पर ये लोग दोनों पीढ़ियों के लिए वित्तीय, भावनात्मक और देखभाल संबंधी जिम्मेदारियों को निभाते हैं।
  • इस पीढ़ी में महिलाएं और पुरुष दोनों आते हैं, लेकिन महिलाओं पर पारिवारिक जिम्मेदारियों का अधिक भार देखा जाता है।  
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सैंडविच जनरेशन के फायदे - फोटो : istock
सैंडविच जनरेशन के फायदे
  • परिवार के साथ अधिक समय बिताने का अवसर मिलता है।
  • माता-पिता और बच्चों दोनों के साथ घनिष्ठ संबंध बनते हैं।  
  • बच्चों को मजबूत पारिवारिक मूल्यों की सीख मिलती है।
  • जब बच्चे देखते हैं कि उनके माता-पिता अपने माता-पिता की देखभाल कैसे कर रहे हैं, तो उनके अंदर भी कर्तव्यनिष्ठा आती है।  
  • माता-पिता, बच्चों और खुद के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव गहरा होता है।  
  • बुजुर्ग माता-पिता को अकेलापन महसूस नहीं होता और बच्चों को भी दादा-दादी के साथ समय बिताने का मौका मिलता है।  
  • एक साथ दो पीढ़ियों की जिम्मेदारी संभालने के कारण व्यक्ति बेहतर बजट प्लानिंग और संसाधनों का सही उपयोग करना सीखता है।
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सैंडविच जनरेशन की चुनौतियां - फोटो : istock
सैंडविच जनरेशन की चुनौतियां

आर्थिक दबाव
  • माता-पिता की दवाइयों, मेडिकल खर्च और बच्चों की पढ़ाई, भविष्य की प्लानिंग में संतुलन बनाना मुश्किल हो सकता है।  
  • कई बार व्यक्ति अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स पर ध्यान नहीं दे पाता।  

शारीरिक और मानसिक तनाव
  • दोहरी जिम्मेदारियों के कारण व्यक्ति थका हुआ और तनावग्रस्त महसूस कर सकता है।  
  • पर्याप्त नींद और सेल्फ-केयर के लिए समय नहीं मिल पाता।  

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करियर और निजी जीवन में असंतुलन   - फोटो : Pexel
भावनात्मक दबाव
  • माता-पिता की बिगड़ती सेहत और बच्चों के भविष्य की चिंता के कारण व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करता है।  
  • कई बार खुद की इच्छाएं और जरूरतें टालकर उन्हें माता-पिता और बच्चों की परवरिश पर ध्यान देना पड़ता है।


करियर और निजी जीवन में असंतुलन  
  • ऑफिस और घर दोनों की जिम्मेदारियों के कारण करियर पर ध्यान देना मुश्किल हो सकता है।  
  • कई बार प्रमोशन, जॉब चेंज या खुद की ग्रोथ को टालना पड़ता है।  
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निजी जीवन पर असर - फोटो : istock
निजी जीवन पर असर
  • जीवनसाथी के साथ समय कम बिताने से रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं।  
  • सामाजिक जीवन और दोस्ती पर भी असर पड़ता है।  

सैंडविच जनरेशन के लिए टिप्स
  • जो लोग सैंडविच जनरेशन में आते हैं, उन्होंने वित्तीय योजनाएं बनानी चाहिए। बजट बनाएं, माता-पिता और बच्चों के भविष्य के लिए निवेश करें।  
  • सैंडविच जनरेशन के लोगों को सेल्फ केयर को प्राथमिकता देनी चाहिए। अपने स्वास्थ्य और मानसिक शांति का ध्यान रखें।  
  • परिवार के अन्य सदस्यों से सहयोग लें। सभी जिम्मेदारियों को अकेले न उठाएं, भाई-बहनों और पार्टनर से मदद मांगें।  
  • काम और जीवन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करें।  
  • समय प्रबंधन करें। जरूरी कामों की प्राथमिकता तय करें।  
  • मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें। जरूरत पड़ने पर थेरेपी या काउंसलिंग लें।  

 
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