आपने अपने किसी ऐसे दोस्त के बारे में सुना है, जिसने हाल ही में किसी को डेट करना शुरू किया हो और वह अपने नए प्यार को लेकर बहुत जुनूनी हो, जैसे उनकी पूरी जिंदगी केवल अपने पार्टनर के इर्द-गिर्द ही घूमती है। वह अपने नए पार्टनर में इतना मग्न हो जाएं कि आपके या अन्य दोस्तों के साथ बनाई योजनाएं कैंसिल करने लगें? या आप खुद कभी ऐसी स्थिति में आए हों?
क्या होता है बाॅयफ्रेंड सिकनेस
इस तरह का बर्ताव नया-नया डेटिंग शुरू करने वाले लोगों में सामान्य है और इस चरण को बाॅयफ्रेंड सिकनेस कहते हैं।
बाॅयफ्रेंड सिकनेस टर्म टिकटाॅक इंफ्लूएंसर के जरिए चलन में आया, जिन्होंने इसे नए रिश्ते में जुनूनी बर्ताव के रूप में समझाया। यह एक सामान्य चरण है, जहां लोग अपने नए साथी को अधिक प्राथमिकता देते हैं।
किसी को भी हो सकती है ये समस्या
भले ही इसे बाॅयफ्रेंड सिकनेस कहते हैं लेकिन लड़का या लड़की किसी का भी बर्ताव ऐसा हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कपल्स के लिए सामान्य व्यवहार है और नए कपल के बीच बाॅन्ड व लगाव गहरा करने के लिए जरूरी होता है। साथ ही अधिकतर मामलों में यह दौर अस्थाई होता है।
रिश्ते के लिए जरूरी ये दौर
कोलंबिया यूनिवर्सिटी के साइकेट्री विभाग के प्रोफेसर आमिर के मुताबिक, नए रोमांटिक रिलेशनशिप में आए लोगों का दिमाग अपने साथी से बाॅन्ड बनाने के लिए ओवरटाइम काम करता है। किसी अजनबी को महत्वपूर्ण बनाने के लिए बहुत सारी मशक्कत की जरूरत होती है।
जब एक यानी कपल बहुत अधिक समय साथ बिताता है, तो उनके बीच का बाॅन्ड मजबूत होता है और इसमें कुछ हफ्तों से कुछ महीनों का वक्त लग सकता है। एक बार जब कपल मजबूती से एक दूसरे से जुड़ जाते हैं तो वह अन्य रिश्तों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं या आसान शब्दों में कहें तो वह एक दूसरे के दोस्तों के साथ घुलना-मिलना शुरू कर देते हैं।