जब वो चुप हों
अक्सर ऐसा होता है कि अचानक आपकी पत्नी, पार्टनर या मां चुप्पी साध लेती हैं। दिन की शुरुआत जिनकी बातों और आवाज से होती है, अगर व शांत हो जाएं तो उनकी चुप्पी को हल्के में न लें। महिलाएं तब चुप हो जाती हैं जब वो बहुत कुछ सोच रही होती हैं या टूट रही होती हैं। ऐसे में सलाह देने से ज्यादा जरूरी है, उन्हें सुनना। बस उनके पास बैठिए और पूछिए "क्या हुआ?" और उन्हें अपना मन खोलने दीजिए।
जब वो रोए
हर आंसू का कोई न कोई कारण होता है। जब वह रो रही हो तो उसे ज्ञान न दें, बस चुपचाप उसका हाथ पकड़िए, कंधा दीजिए और अपने होने का अहसास कराइए। यही सच्चा जुड़ाव है। ऐसी स्थिति में एक महिला को सलाह नहीं, सहारा चाहिए होता है।
जो वो गुस्से में हों
अगर कोई लड़की गुस्से में है तो उस वक्त बहस करने से बात बिगड़ सकती है। यहां आपका दायित्व है कि आप धैर्य रखें। उन्हें थोड़ा वक्त दीजिए और जब माहौल शांत हो, तब प्यार से बात करें। यही समझदारी है।
जब वो खुद को कम समझे
कभी-कभी महिलाएं खुद को दूसरों से कम समझने लगती हैं। कई बार परिवार, काॅलेज, दफ्तर या समाज में उन्हें ऐसा महसूस कराया जाता है कि वह बेहतर नहीं हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें उनकी वैल्यू बताएं। उन्हें याद दिलाना जरूरी है कि वो खास हैं, जरूरी हैं और उनके बिना सब अधूरा है।
जब वो खुश हो
महिलाओं के अलग-अलग मूड पर अलग रिएक्शन जरूरी है। अगर वो खुश हैं तो उसकी खुशी में शामिल हो जाइए। उनकी मुस्कान को नजरअंदाज न करें। छोटी-छोटी बातों में एक्साइटेड होना उनकी खूबी होती है। साथ में खुश होना ही रिश्तों को मजबूत बनाता है।
वो असमंजस में हो
वो जब उलझन में हो या किसी बात पर कंफ्यूज हो तो उन्हें राह मत दिखाओ, बल्कि साथ चलो। इसका मतलब है कि उन्हें ये मत बताइए कि उन्हें ‘करना क्या है’। बल्कि उनके साथ बैठिए, समझिए और मिलकर हल ढूंढिए। वो सिर्फ सलाह नहीं, साथ चाहती है।
बार-बार सवाल करें
महिलाएं जब सवाल करती हैं तो जरूरी नहीं कि वो आप पर शक कर रही हैं। वो बस भरोसा ढूंढ़ रही होती हैं, ये आपका टेस्ट नहीं, उनका डर होता है। इसलिए उनके सवालों से चिढ़े मत, बल्कि धैर्य रखें।
वो तैयार होकर आए
जब लड़की तैयार होकर आए तो उसकी तारीफ करना न भूलें। "तुम बहुत अच्छी लग रही हो”, ये शब्द उनका पूरा दिन बना सकते हैं। हर महिला तारीफ पसंद करती है, खासकर अपने खास इंसान से।
जब वो थकी हो
कई बार महिलाएं जब थक जाती हैं तो पुरुष उनकी थकान को समझने की बजाएं उनसे सवाल करते हैं। जैसे "इतना क्यों थक गई?" इस तरह के सवाल पूछने से अच्छा है, चुपचाप उसका काम बांट लीजिए। उनकी थकान को कम करने के लिए मदद करें।
जब वो कुछ निजी शेयर करे
महिलाएं जब भी कोई बात आपसे शेयर करती हैं तो समझें कि उनकी तरफ से ये भरोसे का इशारा होता है। इसे हल्के में लेना या मजाक बनाना उनका दिल तोड़ सकता है।