ऐसे में सुबह जल्दी उठकर सरगी तैयार करना, पूरे दिन काम करना, व्रत के नियमों का पालन करना और शाम को पूजा की तैयारी करना किसी चुनौती से कम नहीं है। खासकर उन महिलाओं के लिए परेशानी बढ़ सकती है, जिन्हें ऑफिस में लंबे समय तक बैठना, मीटिंग करना या काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ता है।
करवा चौथ 2026 का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। ऐसे में अगर आप भी नौकरीपेशा हैं और व्रत के साथ अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारियां निभाने की तैयारी कर रही हैं, तो पहले से प्लानिंग करना आपके लिए मददगार हो सकता है। सरगी में पौष्टिक भोजन लेना, ऑफिस के जरूरी काम पहले निपटाना, शाम की पूजा की तैयारी पहले से करना और पर्याप्त आराम करना दिन को आसान बना सकता है।
हालांकि, परंपरागत करवा चौथ का व्रत निर्जला होता है, यानी इसमें भोजन और पानी नहीं लिया जाता। लंबे समय तक पानी न पीने से कमजोरी और डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है। इसलिए अपनी सेहत को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे 7 आसान टिप्स, जिनकी मदद से कामकाजी महिलाएं व्रत और ऑफिस के बीच बेहतर तालमेल बना सकती हैं।
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- सरगी में पौष्टिक चीजें शामिल करें
सुबह सूर्योदय से पहले ली जाने वाली सरगी पूरे दिन की तैयारी का अहम हिस्सा है। इसमें फल, दूध या दही, मेवे और पेट भरने वाले पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। बहुत ज्यादा तली-भुनी, नमकीन या मीठी चीजें खाने से बचें। सरगी के समय पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, यदि आपकी व्रत परंपरा इसकी अनुमति देती है।
- ऑफिस के काम की पहले से प्लानिंग करें
करवा चौथ से एक दिन पहले जरूरी फाइलें, प्रेजेंटेशन और मीटिंग की तैयारी पूरी कर लें। संभव हो तो अपने मैनेजर से काम की प्राथमिकताओं पर चर्चा करें। इससे त्योहार वाले दिन अनावश्यक तनाव कम होगा और शाम की पूजा के लिए समय निकालना आसान रहेगा।
- दफ्तर में ज्यादा थकान से बचें
व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में अनावश्यक भागदौड़, भारी शारीरिक मेहनत और तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचें। काम के बीच छोटे ब्रेक लें और अपनी क्षमता के अनुसार काम करें।
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- शाम की पूजा की तैयारी पहले करें
पूजा की थाली, छलनी, करवा, दीपक, चुनरी और अन्य जरूरी सामान एक दिन पहले तैयार कर लें। इससे ऑफिस से लौटने के बाद जल्दबाजी नहीं करनी पड़ेगी। चंद्रोदय और पूजा का समय अपने शहर के अनुसार पहले से जांच लें।
- दफ्तर में अपनी स्थिति के बारे में बताएं
अगर आपको व्रत के दौरान कमजोरी महसूस होने की आशंका है, तो किसी भरोसेमंद सहकर्मी को बता दें। काम का दबाव जरूरत से ज्यादा न लें और संभव हो तो त्योहार वाले दिन काम के समय में लचीलापन रखने की योजना बनाएं।
- सेहत के संकेतों को नजरअंदाज न करें
चक्कर आना, बहुत ज्यादा कमजोरी, बेहोशी जैसा महसूस होना या भ्रम की स्थिति गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे में व्रत जारी रखने के बजाय तुरंत स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता लें। गर्भवती, स्तनपान कराने वाली, डायबिटीज या अन्य पुरानी बीमारी से पीड़ित महिलाओं को व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
- व्रत खोलने के बाद हल्का भोजन करें
चांद देखने और पूजा पूरी करने के बाद पानी धीरे-धीरे पिएं और फिर हल्का, संतुलित भोजन करें। दाल, सब्जी, रोटी, खिचड़ी या दही जैसे विकल्प अच्छे हो सकते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद एकदम बहुत ज्यादा तला-भुना खाना खाने से बचें।