फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक देश जहां अक्सर लड़कियों की मर्जी के बिना कर दिया जाता है उनका कौमार्य परीक्षण

Sat, 04 Jan 2020 05:56 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
''मैं एक खुशहाल जिंदगी जी रही थी लेकिन अब मेरी जिंदगी में सबकुछ बदल चुका है।मेरा जीवन उलट-पुलट हो गया है।''
ये शब्द हैं अफगानिस्तान के बामियान प्रांत में रहने वाली 18 साल की नेदा के।एक पुराने से कंबल में बैठी नेदा अपने साथ जबरदस्ती हुए वर्जिनिटी टेस्ट को याद करते हुए सिहर जाती हैं।यह साल 2015 की बात थी, नेदा रात में थिएटर की प्रैक्टिस कर घर लौट रही थीं।घर पहुंचने में उन्हें दो घंटे का वक्त लगता।उनके साथ एक लड़की और थी इसलिए उन्होंने अपने दो पुरुष दोस्तों से लिफ्ट ले ली।नेदा एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं, वे बताती हैं कि उनके पास रोजाना के खर्च उठाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते थे।नेदा उस रात के लिए आज भी कहीं न कहीं खुद को ही जिम्मेदार ठहराती हैं।
विज्ञापन

2 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नेदा कहती हैं, ''कभी-कभी मुझे लगता है कि मैंने खुद ही अपने-आप को उन हालात में डाला, मेरे परिवार पर जो तोहमत लगी उसके लिए मैं ही जिम्मेदार हूं लेकिन मैं यह भी जानती हूं कि उस रात घर पहुंचने के लिए मेरे पास यही एक रास्ता था।'' उस रात के बाद बामियान प्रशासन को ऐसी शिकायतें मिली थी कि नेदा ने घर पहुंचने से पहले प्रीमैरिटिएल सेक्स (शादी से पहले सेक्स संबंध) किया।इन शिकायतों के बाद नेदा और उनकी दोस्त पर सवालों की बौछार शुरू हो गई।
विज्ञापन

3 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
नेदा बताती हैं, ''मुझे अय्याश कहा जाने लगा और एक मेडिकल सेंटर में वर्जिनिटी टेस्ट के लिए भेज दिया गया।''टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनका हाइमन (कौमार्य) अभी भंग नहीं हुआ है।हालांकि यह मामला अभी भी अफगानिस्तान की न्याय व्यवस्था के चक्कर लगा रहा है।नेदा स्थानीय अभियोजक कार्यालय से तो आरोपमुक्त हो चुकी हैं, लेकिन उनका मामला अब राज्य की सर्वोच्च अदालत में चल रहा है जहां फैसला आना अभी बाकी है।

4 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

वर्जिनिटी टेस्ट कोई बड़ी बात नहीं !

अफगानिस्तान में कितने वर्जिनिटी टेस्ट होते हैं इसका वैसे तो कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन मौजूदा तथ्य बताते हैं कि इस तरह के टेस्ट यहां बहुत आम हैं।बोबनी हैदरी एक गायनोकॉलोजिस्ट हैं जो बामियान प्रांत में ही काम करती हैं।उन्होंने बीबीसी को बताया कि उन्हें एक दिन में 10 वर्जिनिटी टेस्ट करने के लिए मिल जाते हैं।ये टेस्ट अक्सर महिलाओं की मर्जी के बिना ही करवा दिए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस तरह के वर्जिनिटी टेस्ट और टू फिंगर टेस्ट को मान्यता नहीं दी है।

विज्ञापन

5 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
अफगानिस्तान में मानवाधिकार आयोग की कमिश्नर सोराया सोभरांग ने बीबीसी को बताया, ''वर्जिनिटी टेस्ट का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता और इन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, ये टेस्ट देश के संविधान, इस्लामिक कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों का भी उल्लंघन हैं।''इस टेस्ट की वजह से इस तरह के धंधे भी उजागर होने लगे हैं जिसमें यह वादा किया जाता है कि वे महिलाओं का कौमार्य वापस ला सकते हैं। ये टेस्ट गैरकानूनी होने के साथ ही सेहत के खतरनाक और महंगे भी होते हैं।
विज्ञापन

6 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

शर्मिंदगी भरी जिंदगी

नेदा के साथ वह घटना हुए दो साल गुजर चुके हैं लेकिन वे अभी भी उससे उबरने के लिए संघर्ष कर रही हैं।वे बताती हैं, ''जब आपने कुछ गलत नहीं किया होता तब इस तरह के टेस्ट से गुजरना बहुत पीड़ादायक होता है।'' ''सबसे ज़्यादा मुश्किल था उन डॉक्टरों का सामना करना जिन्हें मैं पहले से जानती थी, मुझे शर्म आ रही थी, जबकि मैं यह भी जानती थी कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है।''अफगानिस्तान के रूढ़िवादी समाज में महिलाओं से यह उम्मीद की जाती है कि वे शादी से पहले सेक्स नहीं करेंगी। महिलाओं के कौमार्य को बहुत ज़्यादा महत्व दिया जाता है और उसे इज़्जत व पवित्रता की नजर से भी देखा जाता है।

विज्ञापन

7 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
जिन महिलाओं पर शादी से पहले सेक्स करने की बात साबित हो जाती है उनकी समाज में घोर निंदा की जाती है, उन्हें जेल तक जाना पड़ता है यहां तक कि कुछ मामलों में तो उन महिलाओं को ऑनर किलिंग का शिकार भी होना पड़ा।अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी इस टेस्ट पर रोक लगाने की बात कर चुके हैं, फिर भी वहां वर्जिनिटी टेस्ट को मान्यता मिली हुई है।जिन जगहों पर महिलाओं पर नैतिक अपराध करने के आरोप लगते हैं वहां स्थानीय अभियोजक इस तरह के टेस्ट करवाने के आदेश देते रहते हैं।

8 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

कई जिंदगियां हुई बर्बाद

वर्जिनिटी टेस्ट के बाद नेदा को यह डर सताने लगा कि बाकी लोग ना जाने उससे कैसे-कैसे सवाल पूछेंगे, इसी वजह से उसने स्कूल जाना भी कम कर दिया।वह बताती हैं, ''मैं एक अच्छी स्टूडेंट थी, मेरे टीचर मुझे पसंद करते थे लेकिन वर्जिनिटी टेस्ट के बाद मुझे लगा कि वे मेरे बारे में अलग धारणा बनाने लगे हैं। यहां तक कि मेरे सबसे करीबी दोस्तों ने भी मुझसे दूरी बना ली, सभी मुझे नफरत भरी नजरों से देखने लगे।''''मेरे लिए सबकुछ बदल गया, मैं अपनी दोस्तों से दूर हो गई।''

विज्ञापन

9 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
नेदा को इस बात का अफसोस होता है कि उनकी वजह से उनके परिवार की इतनी बदनामी हुई, वे बताती हैं, ''मेरी मां मुझसे कहती हैं कि मेरी वजह से उन्हें कोर्ट कचरहरियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।मेरी वजह से पूरे परिवार का सिर शर्म से झुक गया है...यह सबकुछ मेरी वजह से हुआ।''लेकिन इस अग्निपरीक्षा से गुजरने के बावजूद नेदा के बुलंद हौसले बरकरार हैं।वो कहती हैं, ''यह टेस्ट मुझ जैसी युवा लड़कियों की जिंदगी तबाह कर देता है, लड़कों को तो कोई फर्क नहीं पड़ता।''''मैं हार नहीं मानूंगी, मैं थिएटर जारी रखूंगी और एक बेहतर भविष्य बनाउंगी...लेकिन मुझे नहीं पता कि भविष्य मेरे लिए और क्या-क्या समेटे हुए है।''
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें