रमजान इस्लाम का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यह आत्म-संयम, इबादत, सब्र और दान का महीना है। इस दौरान मुसलमान रोज़ा रखते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। रमजान का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी महीने पवित्र कुरान का अवतरण हुआ था, जो पैगंबर मोहम्मद पर नाज़िल हुई। इस वर्ष रमजान 17 या 18 फरवरी से शुरू हो रहा है। ऐसे में अगर आप रमजान में रोजा रख रहे हैं या इस पाक महीने को मना रहे है तो कुछ बातों का ध्यान रखें।
अगर आप जानना चाहते हैं कि रमजान में क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए, तो यह पूरी गाइड आपके लिए है।
रमजान में क्या करें?
रोज़ा पूरी नीयत और ईमानदारी से रखें
रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि बुरे विचारों और बुरे कर्मों से दूर रहने का भी संकल्प है।
पांच वक्त की नमाज़ और तरावीह पढ़ें
रमजान में नियमित नमाज़ के साथ रात की विशेष नमाज़ “तरावीह” का विशेष महत्व है।
क़ुरान की तिलावत करें
इस महीने में कुरान पढ़ने और समझने का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
ज़कात और सदका दें
जरूरतमंदों की मदद करना रमजान की सबसे बड़ी नेकी है। ज़कात इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है।
इफ्तार में सादगी रखें
रोज़ा खोलते समय खजूर और पानी से इफ्तार करना सुन्नत माना जाता है।
शब-ए-कद्र की इबादत करें
रमजान की आखिरी 10 रातों में से एक रात “लैलतुल कद्र” मानी जाती है, जो हजार महीनों से बेहतर बताई गई है।
रमजान में क्या न करें?
- झूठ, चुगली और गाली-गलौज से बचें। रोज़ा केवल पेट का नहीं, बल्कि जुबान और व्यवहार का भी होता है।
- गुस्सा और झगड़े से दूर रहें। रमजान सब्र और शांति का महीना है।
- फिजूलखर्ची न करें। इफ्तार पार्टियों में अनावश्यक खर्च और भोजन की बर्बादी से बचें।
- बुरी आदतों से दूरी बनाए रखें। धूम्रपान, शराब और अन्य गलत गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहें।
- सेहत की अनदेखी न करें। सहरी और इफ्तार में संतुलित भोजन लें और पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं।
रमजान में खास टिप्स