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Ramadan 2026: रमजान कब से हैं? जानिए इस महीने रोजा क्यों रखा जाता है

Mon, 16 Feb 2026 10:33 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Ramadan 2026 Kab Se Hain: रमजान का पाक महीना आने वाला है। इस्लाम धर्म के इस पाक महीने में अल्लाह की इबादत की जाती है, रोजा रखा जाता है और जकात का महत्व है। इस लेख में जानिए कि इस वर्ष रमजान कब हो रहा है और रोजे कब रखे जाएंगे।
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रमजान कब है - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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Ramadan 2026: रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। दुनियाभर के मुसलमान इस महीने में रोजा रखते हैं, नमाज अदा करते हैं और अल्लाह की इबादत में समय बिताते हैं। यह महीना आत्म-संयम, धैर्य, त्याग और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है।

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रमजान सऊदी अरब, भारत, पाकिस्तान, तुर्की, इंडोनेशिया, यूएई सहित पूरी दुनिया में मनाया जाता है। सऊदी अरब और भारत में चांद दिखने के अनुसार इसकी घोषणा की जाती है। वहीं रमजान के 29 या 30 रोजों के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है, जो खुशी और भाईचारे का प्रतीक है। इस लेख में जानिए कि इस वर्ष 2026 में रमजान कब से हैं और कब ईद मनाई जाएगी। रमजान के महीने में रोजा कैसे और क्यों रखा जाता है। रमजान से जुड़ी सभी जानकारी यहां से जानें।

 
रमजान 2026 कब से शुरू होगा?

रमजान इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने में आता है। इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है, इसलिए हर साल रमजान की तारीख लगभग 10-11 दिन पहले आ जाती है। 2026 में रमजान की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करेगी, लेकिन अनुमान है कि यह 17 या 18 फरवरी 2026 से शुरू हो सकता है।

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सऊदी अरब में रमजान का चांद 17 फरवरी 2026 को दिखने की पूरी उम्मीद है। अगर चांद इस दिन दिख गया तो सऊदी में पहला रोजा 18 फरवरी को रखा जाएगा। अगर चांद नहीं दिखता है तब सऊदी में पहला रोजा 19 फरवरी को रखा जाएगा।


रमजान क्यों मनाया जाता है?

रमजान इसलिए पवित्र है क्योंकि इसी महीने में पैगंबर हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर पहली बार कुरान की आयतें नाज़िल हुई थीं। यानी इसी महीने में पहली बार पैगंबर मोहम्मद को कुरान का ज्ञान प्राप्त हुआ था। 610 ईस्वी में इसे अल्लाह की तरफ से पहली वही कहा गया जो कि बाद में पवित्र ग्रंथ कुरान के रूप में संकलित की गई। ।


रमजान का उद्देश्य
 

  • आत्म-संयम और अनुशासन सीखना

  • भूख और प्यास का अनुभव कर गरीबों के प्रति संवेदना बढ़ाना

  • गुनाहों से तौबा करना

  • अल्लाह से नज़दीकी बढ़ाना


रमजान कैसे मनाया जाता है?


रोज़ा (उपवास)

रमज़ान के रोज़े इस्लाम के पांच अनिवार्य स्तंभों में से एक है। रमजान के महीने में मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं। रोजा का मतलब है उपवास करना। इस दौरान सहरी और इफ्तार किया जाता है।

  • सहरी: सुबह फज्र की नमाज से पहले भोजन

  • इफ्तार: सूर्यास्त के बाद रोज़ा खोलना (खजूर और पानी से)

नमाज़ और तरावीह

रमजान में पांच वक्त की नमाज़ के अलावा रात में विशेष नमाज “तरावीह” अदा की जाती है।


ज़कात और सदका

इस महीने में दान-पुण्य का विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को ज़कात (अनिवार्य दान) दी जाती है।


शब-ए-कद्र

रमजान की आखिरी दस रातों में एक खास रात आती है जिसे “लैलतुल कद्र” कहा जाता है। मान्यता है कि इसी रात कुरान की नाज़िल होना शुरू हुआ था।

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