प्रेमानंद महाराज के अनुसार तनाव और गुस्से से छुटकारा पाने के 5 उपाय
सुबह जल्दी उठना है सबसे पहली दवा
प्रेमानंद महाराज का कहना है कि सुबह जल्दी उठना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है। सुबह की ताजी हवा में मौजूद ऑक्सीजन मस्तिष्क को शांत करती है, जिससे तनाव और चिड़चिड़ापन कम होता है। हो सके तो सुबह 4:30 से 5:30 के बीच उठने की आदत डालें।
फ्रेश होकर करें दिन की शुरुआत
जागने के तुरंत बाद दो गिलास गर्म पानी पीने से शरीर की गंदगी बाहर निकलती है। इससे न केवल पाचन तंत्र सुधरता है, बल्कि दिमाग हल्का और साफ महसूस करता है, जिससे गुस्सा धीरे-धीरे कम होने लगता है। गर्म पानी में नींबू की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं। इसके बाद फ्रेश होकर ही अन्य कामों की शुरुआत करें।
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योग और ध्यान
प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि हर दिन 10 से 15 मिनट का मौन साधना और ध्यान आपके भीतर शांति लाता है। ध्यान लगाने से दिमाग इधर-उधर भटकता नहीं और गुस्से पर नियंत्रण आसान होता है। इसके लिए किसी शांत जगह बैठकर आंखें बंद करें और ईश्वर का नाम जपें या सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही खुले में कुछ देर टहलें या प्राणायाम करें।
गुस्से वाले लोग ध्यान से पाएं राहत
जिन लोगों को अक्सर गुस्सा आता है, उनके लिए ध्यान लगाना बेहद जरूरी है। प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि जब मन केंद्रित होगा तो भावनाएं काबू में रहेंगी और रिश्तों में तनाव नहीं बढ़ेगा। ध्यान के समय मोबाइल या शोर-शराबे से दूर रहें। शुरुआत 5 मिनट से करें और धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
सादा जीवनशैली अपनाएं
ज्यादा तामझाम, देर रात जागना, अनियमित दिनचर्या तनाव और गुस्से को बढ़ाते हैं। प्रेमानंद महाराज सलाह देते हैं कि एक संतुलित और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाएं। समय पर सोएं और उठें। मोबाइल और टीवी से थोड़ी दूरी बनाएं। साथ ही खाने में सात्विक भोजन शामिल करें।