Work From Home Ke Fayde: कोरोना महामारी के दौरान पूरी दुनिया में वर्क फ्राॅम होम यानी घर से काम करने का चलन तेजी से बढ़ा था। दफ्तर की जगह लोग अपने घरों से लैपटॉप और इंटरनेट के जरिए काम करने लगे थे। अब एक बार फिर वर्क फ्राॅम होम चर्चा में आ गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स और वर्चुअल कॉन्फ्रेंस को प्राथमिकता देने की अपील की है। पीएम मोदी का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ते ईंधन संकट को देखते हुए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना बेहद जरूरी हो गया है।
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद लोग वर्क फ्राॅम होम के फायदे और इसकी जरूरत को लेकर चर्चा कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि घर से काम करने से ईंधन और समय की बचत होती ही है, साथ ही कर्मचारियों की मानसिक सेहत और वर्क-लाइफ बैलेंस पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं वर्क फ्राॅम होम के बड़े फायदे और पीएम मोदी इसके लिए अपील क्यों कर रहे हैं।
क्यों कर रहे हैं पीएम मोदी अपील?
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों को देखते हुए पीएम मोदी ने ईंधन बचाने पर जोर दिया है। उन्होंने लोगों से कम ईंधन इस्तेमाल करने, सार्वजनिक वाहन अपनाने, विदेश यात्रा कम करने, कुकिंग आॅयल के कम उपयोग, एक साल तक सोना न खरीदने और वर्क फ्राम होम को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य देश पर बढ़ते आयात और आर्थिक दबाव को कम करना भी बताया जा रहा है।
वर्क फ्राॅम के फायदे क्या है?
ईंधन और यात्रा खर्च में बचत
घर से कामकरने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि रोज दफ्तर आने-जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे पेट्रोल और डीजल की खपत कम होती है। पीएम मोदी ने भी लोगों से कम यात्रा करने और ईंधन बचाने की अपील की है। इससे कर्मचारियों का यात्रा खर्च भी कम हो सकता है और यातायात की समस्या में भी राहत मिल सकती है।
काम और जीवन का संतुलन
घर से काम करने पर लोग अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिता पाते हैं। दफ्तर आने-जाने में लगने वाला समय बचने से मानसिक तनाव भी कम महसूस हो सकता है। कई कर्मचारी मानते हैं कि हाइब्रिड और रिमोट वर्क से उनका जीवन ज्यादा संतुलित है।
कंपनियों को भी हो सकता है फायदा
घर से काम करने से कंपनियों के दफ्तर खर्च में कमी आ सकती है। बिजली, परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च घट सकता है। साथ ही सही व्यवस्था होने पर कर्मचारी घर से भी अच्छी उत्पादकता बनाए रख सकते हैं।
ऑनलाइन मीटिंग्स से सुविधा
पीएम मोदी ने ऑनलाइन मीटिंग्स और वर्चुअल कॉन्फ्रेंस को बढ़ावा देने की बात कही है। इससे व्यवसायिक यात्रा कम हो सकती है और समय की बचत भी होती है। आज के डिजिटल दौर में वीडियो कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने काम को काफी आसान बना दिया है।