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Ramadan 2026: रमजान में पीरियड्स आ जाएं तो क्या रोज़ा रखना सही है? जानें नियम

Thu, 19 Feb 2026 01:01 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Periods During Ramadan 2026: रमजान शुरू हो गए हैं। इस दौरान लोग रोजा रखते हैं। लेकिन अक्सर यह सवाल आता है कि अगर रमजान के दौरान पीरियड्स (मासिक धर्म) शुरू हो जाएं तो क्या रोज़ा रखना चाहिए या नहीं?

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अगर रोजा के दौरान पीरियड्स शुरू हो जाएं तो क्या करें - फोटो : Adobe stock
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विस्तार
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Periods Me Roza Rakhna Chahiye Ya Nahi: रमजान इस्लाम में इबादत, रोज़ा, सब्र और आत्मचिंतन का पवित्र महीना है। इस दौरान मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं। लेकिन महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि अगर रमजान के दौरान पीरियड्स (मासिक धर्म) शुरू हो जाएं तो क्या रोज़ा रखना चाहिए या नहीं?

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रमजान में पीरियड्स आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस्लाम महिलाओं को इस दौरान रोज़ा और नमाज़ से छूट देता है, जो उनकी सेहत और सुविधा के लिए है। इसलिए ऐसे दिनों में रोज़ा न रखें और बाद में उसकी क़ज़ा पूरी करें। अल्लाह ने दीन को आसान बनाया है और हर परिस्थिति में इंसान की भलाई को प्राथमिकता दी है। आइए इस विषय को इस्लामी नियमों और स्वास्थ्य के नजरिए से विस्तार से समझते हैं।


इस्लाम में क्या है नियम?

इस्लामी शरीअत के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को रोज़ा रखने और नमाज़ पढ़ने से छूट दी गई है। यह छूट सुविधा के तौर पर है, सज़ा नहीं।

  • पीरियड्स के दिनों में रोज़ा रखना अनिवार्य नहीं है।

  • इन दिनों के छूटे हुए रोज़े रमजान के बाद पूरे (क़ज़ा) किए जाते हैं।

  • पीरियड्स खत्म होने के बाद पवित्र स्नान कर फिर से इबादत शुरू की जाती है।

इसलिए यदि रमजान में पीरियड्स आ जाएं तो रोज़ा न रखें और बाद में उसकी क़ज़ा अदा करें।

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स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से

मासिक धर्म के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। कई महिलाओं को दर्द, कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में पूरे दिन बिना भोजन और पानी के रहना स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।
इस्लाम में स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है, इसलिए यह छूट महिलाओं की सुविधा और सेहत को ध्यान में रखकर दी गई है।


क्या पीरियड्स में इबादत नहीं कर सकते?

हालांकि नमाज और रोज़ा से छूट है, लेकिन महिलाएं इन दिनों में भी कई नेक काम कर सकती हैं।

  • दुआ और ज़िक्र करना

  • इस्लामी किताबें पढ़ना

  • दान (सदक़ा) देना

  • अच्छे काम और सेवा

इस तरह रमजान की बरकत और सवाब में शामिल रहा जा सकता है।


अगर गलती से रोज़ा रख लिया तो?

यदि किसी महिला को दिन में बाद में पता चले कि पीरियड्स शुरू हो गए हैं, तो रोज़ा उसी समय तोड़ देना चाहिए। उस दिन का रोज़ा बाद में क़ज़ा करना होगा।

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