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Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti: छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती आज, जानें उनके जीवन से जुड़े रोचक तथ्य

Thu, 19 Feb 2026 09:10 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026: छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती केवल उत्सव नहीं, संकल्प का दिन है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि यदि इच्छाशक्ति प्रबल हो, तो इतिहास बदला जा सकता है।
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छत्रपति शिवाजी महाराज - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026: भारत के इतिहास में कुछ नाम केवल व्यक्तित्व नहीं होते, वे विचार बन जाते हैं, प्रेरणा बन जाते हैं और युगों तक मार्गदर्शक बने रहते हैं। ऐसे ही एक तेजस्वी नाम हैं छत्रपति शिवाजी महाराज। आज उनकी जयंती मनाई जा रही है जो राष्ट्रगौरव का पर्व है। 19 फरवरी को जन्मे शिवाजी महाराज ने उस समय स्वराज का स्वप्न देखा, जब देश का अधिकांश भाग विदेशी सत्ता के अधीन था। उन्होंने साबित किया कि दृढ़ संकल्प, रणनीति और जनसमर्थन से असंभव भी संभव हो सकता है।

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जन्म और प्रारंभिक जीवन
 

शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उनकी माता राजमाता जीजाबाई ने उनमें बचपन से ही धर्म, नीति और शौर्य के संस्कार डाले। उनके पिता शाहजी भोसले एक वीर योद्धा था। बाल्यकाल से ही शिवाजी ने अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना सीखा। उन्होंने किशोर अवस्था में ही कई किलों पर अधिकार कर लिया और मराठा शक्ति की नींव रखी।


स्वराज की स्थापना
 

शिवाजी महाराज का सबसे बड़ा योगदान था,“हिंदवी स्वराज” की स्थापना। यह केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा का आंदोलन था।

उनकी गुरिल्ला युद्ध नीति (गनिमी कावा) ने शक्तिशाली साम्राज्यों को भी हिला दिया। औरंगज़ेब जैसी विशाल मुगल शक्ति के सामने भी उन्होंने साहसपूर्वक संघर्ष किया।

उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया, नौसेना की स्थापना की और किसानों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनके शासन में स्त्रियों के सम्मान और धार्मिक सहिष्णुता का विशेष ध्यान रखा गया।

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राज्याभिषेक और मराठा साम्राज्य
 

1674 में रायगढ़ किले पर उनका भव्य राज्याभिषेक हुआ और वे औपचारिक रूप से “छत्रपति” बने। यह क्षण केवल एक राजा के ताज पहनने का नहीं, बल्कि स्वराज की आधिकारिक घोषणा का था। मराठा साम्राज्य ने आगे चलकर भारतीय राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाई और मुगल सत्ता को गहराई तक चुनौती दी।

शिवाजी महाराज की विशेषताएं

  • अद्भुत सैन्य रणनीतिकार
  • दूरदर्शी प्रशासक
  • धर्मनिरपेक्ष और न्यायप्रिय शासक
  • महिलाओं के सम्मान के कट्टर समर्थक
  • जनता से सीधा संवाद रखने वाले नेता
  • शिवाजी महाराज ने सिखाया कि राष्ट्र केवल सीमाओं से नहीं, बल्कि स्वाभिमान से बनता है।
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