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रिसर्च: नए साल पर खुद से करते हैं वादे, जानिए कितना खरा उतरते हैं हम

Mon, 01 Jan 2018 10:36 AM IST
नंद राम
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दिन बदला, रात बदली, मौसम बदले, तारीखें बदलीं। देखते ही देखते साल भी बदल गया। एक बार फिर से हम नए साल के स्वागत में बांहें फैलाए तैयार खड़े हैं। फिर से एक नया सवेरा, नई उमंगें, नई खुशियां पाने और बांटने की तैयारी में हम जुट गए हैं।

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नए साल के साथ ही शुरुआत होती है, खुद से नए वादे करने की। नए-नए संकल्प लेने की। वादा, खुद को बदलने का, बुरी आदतों को छोड़ने का, परिवार को समय देने का, प्रकृति को संजोए रखने का। एक ऐसा संकल्प या वादा, जो स्वयं से ही नहीं, बल्कि हम अपने माता-पिता, भाई-बहनों, बड़े-बुजुर्गों, दोस्तों, पड़ोसियों, प्रकृति, पशु-पक्षियों आदि से करते हैं।

हर साल नए वर्ष पर हजारों लोग संकल्प लेते हैं। कोई झूठ न बोलने का संकल्प लेता है, तो कोई धूम्रपान छोड़ने का। लोग संकल्प तो ले लेते हैं, लेकिन आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं, तो बहुत कम ही लोग हैं, जो अपने संकल्पों को निभा पाने में कामयाब होते हैं। 
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यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल में न्यू ईयर रेजोल्यूशन से संबंधित एक अध्ययन किया गया। इसमें तीन हजार लोगों को शामिल किया गया। अध्ययन में शामिल 52 फीसदी लोगों को संकल्प लेते वक्त खुद पर विश्वास था कि वे इसे अवश्य पूरा करेंगे, बावजूद इसके इनमें से 88 फीसदी लोग अपने रेजोल्यूशंस को पूरा नहीं कर पाए।

22 फीसदी पुरुष खुद के द्वारा सेट किए गए लक्ष्यों में सफल होते हैं, जबकि सिर्फ 10 फीसदी महिलाएं ही इसमें सफल होती हैं।  जैसे-जैसे साल बीतता है, वैसे-वैसे हम अपने संकल्पों को भूलते जाते हैं। भूल जाने के कई बहाने भी हम बनाते हैं। तमाम तरह के स्पष्टीकरण देते हैं। क्या कभी सोचा है कि आखिर आप संकल्पों को पूरा क्यों नहीं कर पाते? क्या वाकई इन संकल्पों को पूरा करना कठिन है? तो इसकी कई वजहें नजर आएंगी, जो आपको आपके संकल्पों की राह से भटकाती हैं। 

उम्मीदों का वास्तविक न होना

कुछ लोग एक साथ कई न्यू ईयर रेजोल्यूशन ले लेते हैं, जैसे ‘मैं 30 दिनों में 10 किलो वजन कम करूंगा’, ‘हर हाल में जिम जाऊंगा’, ‘अपनी सभी बुरी आदतों को छोड़ दूंगा’ और यह सब संकल्प मैं एक साथ करके दिखाऊंगा। ये सभी संकल्प चुनौतियों से भरे होते हैं।

इन्हें व्यवस्थित और प्रतिबद्ध होकर पूरा करने की जरूरत होती है। जाहिर सी बात है कि जब कोई एक साथ इतने रेजोल्यूशंस लेता है, तो इन्हें पूरा करते-करते वह व्यक्ति मानसिक रूप से इतना थक जाता है कि अंत में संकल्पों के आगे हार मान लेता है। संकल्प वही लें, जिसे पूरा करने में आपको चुनौती महसूस हो, जो आपको इस दौरान नई चीजें सीखने-समझने का मौका दे। जिससे आप समझदार बनें। कुछ संकल्पों को पूरा करने में वक्त लगता है। सकारात्मक परिणाम तुरंत हाथ नहीं लगते। ऐसे में थोड़ा समय लें और दें भी। जब तक आप अपने लक्ष्यों तक पहुंच नहीं जाते, खुद को प्रोत्साहित करते रहें।

परिभाषित न होना
अगर आपके द्वारा लिया गया नए वर्ष का संकल्प अस्पष्ट और अस्थिर है, तो इसे पूरा कर पाना संभव नहीं। नए वर्ष के संकल्पों और अन्य उद्देश्यों को हकीकत में बदलने के लिए उन्हें एस.एम.ए.आर.टी यानी स्मार्ट (स्पेसिफिक यानी विशिष्ट, मेजरेबल यानी समय-समय पर आंकलन करने योग्य, अचीवेबल यानी पूर्ण करने योग्य, रियलिस्टक यानी यथार्थवादी और टाइम बाउंड यानी निश्चित समय में पूरा किए जाने योग्य) होना होगा। 

इस तरह से न सिर्फ आप एक-एक करके आपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होंगे, बल्कि इस बात को भी परिभाषित कर पाएंगे कि आपको क्या पाना है। अच्छी तरह से परिभाषित किया गया संकल्प, आने वाले दिनों में आपकी सफलता की ठोस नींव तैयार कर सकता है।
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मानसिक रूप से तैयार न होना

किसी चीज को पाना और उसे पाने के लिए काम करना, मूलरूप से दो अलग-अलग बातें हैं। यदि आपकी जिंदगी में कुछ भी सही नहीं चल रहा, तो किसी भी संकल्प को पूरा करने में परेशानी हो सकती है। मान लीजिए, आप पिछले वर्ष ऑफिस में अधिक जिम्मेदारियां लेना चाहते थे, लेकिन आपका दिमाग लगातार घर की परेशानियों में उलझा रहता था।

ऐसे में आपके लाख चाहते हुए भी आप अपनी पुरानी आदतों से पीछा नहीं छुड़ा पाते थे। यदि आप मानसिक रूप से कठिन कार्य करने, कार्य से मन न भटकाने,  बाधाओं और असफलताओं का सामना करने के लिए तैयार नहीं हैं, तब आपकी हार निश्चित है।

समय प्रबंधन की कमी 
साल का नया संकल्प तो ले लिया है, लेकिन उसे पूरा करने का पर्याप्त समय ही आपके पास नहीं है। कभी पड़ोसी से बातें करते हैं, तो कभी घूमते-फिरते हैं। इससे आप अपने लक्ष्य से भटकते हैं। लक्ष्यों को सही समय पर पूरा करने के लिए आपके पास वक्त ही नहीं बचता। आपका एक लक्ष्य है।

एक योजना है और उसके लिए एक बेहतर इरादा है। कुछ लोग अपनी जरूरत की सभी चीजों को पूरा कर लेते हैं, लेकिन अपनी प्राथमिकताओं से ही भटक जाते हैं। ऐसे में आप कभी भी अपने न्यू ईयर रेजोल्यूशन को पूरा नहीं कर सकते हैं।
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