विकल्पों को तलाशें- कुछ चीजें हमारी योजना के अनुसार नहीं होती हैं। ऐसे में जरूरत पड़ने के समय आपके पास 'प्लान बी' होनी चाहिए। स्वयं से पूछें कि अगर प्लान बी की जरूरत पड़ी, तो इस पर कैसे कार्य करेंगे। उदाहरण के तौर पर, आप लक्ष्य प्राप्ति के दौरान बहुत सारी बाधाओं का सामना कर रहे हैं,लेकिन आपकी योजना के अनुसार कार्य नहीं हो पा रहा है। इससे आप हतोत्साहित हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में पहुंचने से पहले ही सोच लें, ताकि आपको किसी प्रकार की जल्दबाजी न करनी पड़े।
अनुशासन में रहकर करें कार्य- किसी भी प्रकार की सफलता के लिए जीनव में अनुशासन एक महत्वपूर्ण कड़ी निभाता है। आप स्वयं अपनी सफलता या असफलता के लिए जिम्मेदार होते हैं। यदि आप अपने संकल्पों को पूरा करना चाहते हैं, तो खुद के प्रति एक अनुशासन बनाएं। अपने कार्यों को पूरा करने के प्रति जिम्मेदार बनें। सही दिशा में कदम बढ़ाइए और मन में किसी भी प्रकार के संदेह या हतोत्साहन को न आने दीजिए।