अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए शुरुआत से ही नमी, गंदे या गीले चम्मच और गलत तरीके से स्टोरेज से बचना जरूरी है। अचार निकालते समय हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। जार को बार-बार खोलने और उसमें पानी या नमी जाने से भी बचाएं।
अगर अचार में फफूंदी दिखाई दे रही है, तो उसे लेकर सावधानी बरतना सबसे जरूरी है। खासकर अगर फफूंदी ज्यादा फैल चुकी है, अचार से असामान्य गंध आ रही है या उसका रंग और बनावट बदल गई है, तो उसे खाने के बजाय फेंक देना बेहतर है। थोड़ी सावधानी के साथ आप घर के अचार को बारिश के मौसम में लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं।
- फफूंदी दिखे तो अचार को न चखें
अचार पर फफूंदी दिखाई दे तो उसे चख कर न जांचें कि अचार खाने लायक है या नहीं। फफूंदी दिखाई देने पर खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
- ज्यादा फफूंदी वाला अचार फेंक दें
अगर फफूंदी केवल सतह तक सीमित दिखाई दे रही है, तब भी सिर्फ ऊपर की परत हटाकर पूरे अचार को सुरक्षित मानना सही नहीं है। मुलायम या गीली खाद्य सामग्री में फफूंदी अंदर तक फैल सकती है। ज्यादा फफूंदी, बदबू या असामान्य बदलाव होने पर पूरा अचार फेंक दें।
बारिश के मौसम में अचार के जार में नमी जाना फफूंदी का एक कारण बन सकता है। अचार निकालने के लिए हमेशा बिल्कुल सूखा चम्मच इस्तेमाल करें। गीला चम्मच या गीली उंगलियां जार में डालने से बचें।
- जार को रखें साफ और सूखी जगह पर
अचार के जार को नमी वाली जगह, सिंक के पास या भाप वाली जगह पर रखने से बचें। साफ, सूखी और अपेक्षाकृत ठंडी जगह बेहतर विकल्प है। जार को हर बार इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह बंद करें।
- तेल और नमक की सही मात्रा जरूरी
पारंपरिक अचारों में तेल और नमक संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनकी मात्रा रेसिपी के अनुसार सही होनी चाहिए। सिर्फ ज्यादा तेल डाल देने से पहले से खराब हो चुके अचार को सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता।
- जार और चम्मच की सफाई का रखें ध्यान
अचार रखने वाले जार को इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह साफ और पूरी तरह सूखा लें। चम्मच भी साफ और सूखा होना चाहिए। जार में किसी भी तरह की पानी की बूंद जाने से बचाएं।