निःसंतानता एक दम्पती के लिए अभिशाप के समान है। संतान न होने से एक दम्पती न सिर्फ निजी तनाव महसूस करता है बल्कि उसके ऊपर सामाजिक व पारिवारिक दबाव भी रहते हैं। निःसंतान दम्पतियों को भारतीय समाज में हमेशा से दोयम दर्जे का समझा जाता है, बावजूद इसके कि संतान न होने में उन दम्पतियों की कोई गलती नहीं होती, फिर भी उन्हें हमेशा इसकी सजा मिलती रहती है। खासतौर से महिलाओं को इसका अत्यधिक नुकसान भुगतना पड़ता है।
संतान न होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे की आनुवांशिक कारण, जीवनशैली, महिला के गर्भधारण में समस्या या फिर पुरुष के शरीर में कोई समस्या लेकिन वर्तमान समय में आईवीएफ आदि कुछ उपाय ऐसे हैं जो आपकी इस समस्या को हल कर सकते हैं। इन उपायों से आप बिना किसी खतरे के संतान सुख प्राप्त कर सकते हैं।