गैस की पीली और नीले रंग की आंच का मतलब क्या है
- फोटो : Adobe
Blue vs Yellow Flame Difference: रसोई में खाना बनाते समय क्या आपने कभी गैस चूल्हे की लौ का रंग देखा है? अगर कभी ध्यान नहीं दिया तो अब जरूर दीजिएगा। एलपीजी गैस की आंच कभी नीली होती है तो कभी पीली भी दिखाई दे सकती है। गैस की आंच के रंग में अंतर सुरक्षा से संबंधित है।
इस लेख में जानिए कि गैस स्टोव की लौ का रंग नीला या पीला क्यों होता है और दोनों में क्या फर्क है। गैस स्टोव की आंच अगर पीली दिखे तो क्या करना चाहिए और अगर नीली नजर आए तो क्या समझा जाए? गैस स्टोव और उसकी आंच से जुड़ी जानकारी प्राप्त करके ही आप रसोई की सुरक्षा कर पाएंगी।
ब्लू फ्लेम का मतलब क्या है?
नीली आंच का मतलब है कि गैस पूरी तरह से और सही तरीके से जल रही है। जब LPG या PNG गैस पर्याप्त ऑक्सीजन के साथ जलती है, तो लौ नीली दिखाई देती है।
नीली लौ के फायदे
पीली फ्लेम का मतलब क्या है?
पीली लौ यह संकेत देती है कि गैस पूरी तरह नहीं जल रही। जब गैस में ऑक्सीजन की कमी होती है या बर्नर गंदा होता है, तो लौ पीली हो जाती है।
पीली लौ के नुकसान
अगर लंबे समय तक पीली लौ दिखे, तो इसे नजरअंदाज न करें।
गैस की लौ पीली क्यों होती है?
पीली लौ के कुछ आम कारण हैं जैसे,
- बर्नर में गंदगी या जाम होना
- गैस और हवा का संतुलन बिगड़ना
- गैस प्रेशर की समस्या
- बर्नर कैप का सही से फिट न होना
पीली लौ को ठीक कैसे करें?
- बर्नर को निकालकर साफ करें
- सुई या ब्रश से छेद साफ करें
- बर्नर कैप सही तरीके से लगाएं
- जरूरत पड़े तो सर्विस टेक्नीशियन को बुलाएं।
लौ का रंग बदलने का साइंस
जब गैस पूरी तरह जलती है, तो लौ में उच्च तापमान बनता है और नीला रंग दिखता है। लेकिन जब गैस अधजली रहती है, तो कार्बन कण जलते समय चमकते हैं और पीला रंग दिखाई देता है। इसलिए नीली लौ सुरक्षित और सही मानी जाती है।
गैस की पीली और नीली आंच में अंतर
| आधार |
नीली लौ |
पीली लौ |
| गैस जलना |
पूरी तरह |
अधूरी |
| धुआं |
नहीं |
ज्यादा |
| कालिख |
नहीं |
जमती है |
| सुरक्षा |
सुरक्षित |
खतरे का संकेत |
| गैस खर्च |
कम |
ज्यादा |