चार्ली चैपलिन यानी सर चार्ल्स स्पेंसर चैपलिन दुनिया को हंसाने की कला से वाकिफ कराने वाले एक अच्छे अभिनेता के साथ-साथ बेहतरीन फिल्म निर्माता और संगीतकार भी थे। इनका जन्म 16 अप्रैल 1889 में वालवर्थ, लंदन में हुआ था। चार्ली को मूक फिल्म (साइलेंट फिल्म) के युग में प्रसिद्धि मिलनी शुरू हुई। सबको हंसाने वाले चार्ली का जीवन खुद दुख से भरा हुआ था लेकिन उन्होंने जीवन को एक अच्छे अवसर की तरह इस्तेमाल किया और व्यर्थ नहीं जाने दिया। दुनिया में हर इंसान को उनकी कही गयी बातों से प्रेरणा लेनी चाहिए और निरंतर चलने वाले जीवन को कितनी भी कठिनाइयों में व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। "हास्य टॉनिक है, राहत है, दर्द रोकने की दवा है।"