अक्सर ही हमारे समाज में महिलाएं अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने से कतराती हैं । इसके पीछे की वजह मुख्य रूप से हमारा पितृ सत्तात्मक समाज होता है । लेकिन इसकी वजह से महिलाओं को अनेक भावनात्मक व शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है । इन्हीं में से एक है माहवारी यानि कि पीरियड्स । पीरियड्स, वैसे तो एक सामान्य प्राकृतिक क्रिया है । लेकिन इस बारे में जानकारी के अभाव की वजह से ये सामान्य क्रिया एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रही है । पीरियड्स से जुड़े ढेरो भ्रम हमारे समाज में फैले हुए हैं जो कि इसे और जघन्य समस्या बना देते हैं।
इन्हीं समस्याओं में से एक है अनियमित पीरियड्स । अनियमित पीरियड्स एक चिंता का विषय हैं, क्योंकि हाल ही में किए गए एक सर्वे के अनुसार 55.2 फीसदी लड़कियां अनियमित पीरियड्स की समस्या से जूझ रही हैं। दरअसल पीरियड्स के बारे में अनेक लड़कियां भी जागरूक नहीं हैं, जिसकी वजह से पीरियड्स को लेकर लड़कियों में विभिन्न तरीके की समस्याएं सामने आ रही हैं । लड़कियों की जागरूकता के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के उद्देश्य से ये बात सामने आई कि अधिकतर लड़कियां अनियमित पीरियड्स की समस्या से ग्रसित हैं । अनेक लड़कियों ने ये भी माना कि उन्होने अनियमित पीरियड्स की समस्या से निपटने में किसी मदद के लिए उन्हें कुछ महीनों से लेकर सालभर तक का लम्बा इतंजार करना पड़ा था।