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भारत में पहली बार हुआ अफ़्रो लैटिन डांस फेस्टिवल

Wed, 16 Oct 2019 02:27 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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अफ़्रो लैटिन फ़्यूज़न डांस को पूरी दुनिया से बहुत सराहना मिल रही है। - फोटो : pixabay
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प्योर लैटिन फीवर अपने सभी डांस के दीवानों से खुशी साझा करते हुए ये बताना चाहता है कि मुंबई में पहली बार अफ़्रो लैटिन डांस फेस्टिवल का आयोजन किया गया। तीन दिन के इस फेस्टिवल में साल्सा, मैंबो, बचाता डॉमनिकन, बचाता सेंशुअल, किज़ोंबा, सैंबा, टैराक्सिना और अर्बन किज़ जैसे डांस फॉर्म सिखाए गए। इन्हें पेश करने के लिए विदेशों से इन डांस फार्मों के जानकार आए।

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इस बारे में बात करते हुए फेस्टिवल आयोजक और प्योर लैटिन फ़ेस्टीवल के संस्थापक शीतल जोशी का कहना है कि फ़्यूज़न डांस इन दिनों बहुत पसंद किया जा रहा है। जिसमें अफ़्रो लैटिन फ़्यूज़न डांस को पूरी दुनिया से बहुत सराहना मिल रही है। लेकिन भारत में अभी भी ये डांस फ़ॉर्म बहुत प्रचलन में नहीं है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम मुंबई में 11 से 13 अक्टूबर को खासतौर पर अफ्रो लैटिन डांस सेंसेशन को ले कर आए हैं । ताकि इसे जो लोग सीखना चाहते है उन्हें हम सही और विश्वसनीय ट्रेनर से मिलवा सकें।
 

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इस फेस्टिवल के पहले एक प्री पार्टी का आयोजन किया गया - फोटो : pixabay
अभी तक हमारे देश में अफ्रो लैटिन सिखाने का कोई भरोसे वाली जगह नहीं थी। ऐसे में ये फ़ेस्टीवल डांस के दीवानों के लिए बहुत खुशी की बात है।" "किंग्स युनाइटेड के सदस्य रितिक गुप्ता ने कहा, " हम किंग्स युनाइटेड के चार सदस्य यानी मैं, अनिकेत  सावंत, तान्या और स्वाति, इंडिया अफ्रो लेकिन सेंसेशन में हिस्सा लेने आए थे। हमने आज तक जब भी देश या विदेश में या फिर किसी कॉंपिटीशन में परफॉर्म किया तो कभी हिपहॉप या कॉन्टेप्ररी जैसे बहुत ही तेज़ रिदम वाले गानों पर ही डांस किया।

हमारे प्रस्तुतियों ने बॉलीवुड ने हमेशा तड़का लगाया है, इसलिए देशों और विदेशों में हमें बहुत पसंद किया जाता रहा है। लेकिन जब इस फेस्टिवल में हम पहुंचे तो हमे लगा कि साल्सा और बचाता बहुत खूबसूरत डांस स्टाइल होने के साथ साथ हमारी हिसाब से थोड़े धीमे रिदम के डांस हैं। 

ये स्टाइल हमने बहुत नहीं सीखा या जाना था। साल्सा और बचाता जैसे डांस फ़ॉर्म हमने किए और लगा कि ये बहुत अलग और खूबसूरत स्टाइल है। ऐसे फेस्टिवल और होते रहने चाहिए हमें और हम जैसे कई डांस के दीवाने लोगों के लिए ये बहुत ही सुंदर अनुभव है।"

इस फेस्टिवल के पहले एक प्री पार्टी का आयोजन किया गया, साथ ही इस समारोह को खूबसूरती के साथ विदा करने के लिए एक पोस्ट इवेंट पार्टी भी रखी गई। 11 से 13 अक्टूबर तक प्रग्रेसिव वर्कशॉप आयोजन किया जा रहा है जिसमें अलग अलग तरह की अफ्रो लैटिन डांस सिखाए गए और इन्हें दिशों विदेशों के कई कलाकार कंडक्ट किया हैं। 

म्यूजिकैलिटी वर्कशॉप लेने के लिए पी लो जैसे जाने माने कलाकार भी देश में आए जो लोगों के सामने लाइव पफॉर्म कर रहे साथ ही ओपन एयर सोशल डांसिंग, पूल और फोम पार्टी भी आयोजित की गई। अंतर्राष्ट्रीय डीजे जो साल्सा, किज़ोंबा और बचाता म्यूज़िक बजाने वाले हैं।  इस इवेंट में मास्टर क्लासेस, सोशल डांसिंग और डांस बैटल्स रखे गए।

फ़ेस्टिवल में कई जाने माने चेहरे शामिल होने जा रहे हैं, जैसे लुई वेस्कैज़ ने भारत में 20 साल बाद पफॉर्म किया इनके अलावा अर्जेंटीना और स्पेन से आए बचाता सेंशुअल जोड़ी कीकी और नाहिर, किज़ोंबा के जाने माने नाम रीको और अड्डा, भारत की मशहूर बचाता जोड़ी रीतिका और कॉर्नेल, मराठी फिल्म और टीवी जगत के पसंदीदा कलाकार नकुल घाणेकर,- साल्सा ट्रेनर फ्रेड माएस्त्रो-  मशहूर किज़ोंबा डीडे और अर्बन किज़ डांसर मॉर्गेन लूसिया-  टैराक्सिन्हा और लेडी स्टायलिंग सोनाली –आदि-  बचाता डॉमिनिकन डांसर्स साहिबा साहनी- इंडियन पॉप्युलर लैटिन डांसर ऐश्वर्या कृष्णन – सबसे कम उम्र की साल्सा इंस्ट्रक्टर  मेघा खत्री और प्रेरणा नेपाली  - किज़ोंबा और अफ्रो लैटिन डांसर मौजूद रहे।

 
इन डांसर्स के अलावा अंतर्राष्ट्रीय गायक डीजे जैसे डीजे खालिद डीजे नो लिमिट्स डीजे सफायर,  डीजे सेल्वा, डी जय, डीजे मितेश और डीजे विंसी मौजूद रहे।
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