घर को साफ-सुथरा रखने की धुन में अगर आप बहुत अधिक साफ-सफाई करते हैं और हर वीकेंड वैक्यूम क्लीनर लेकर शुरू हो जाते हैं तो जान लें कि यह आपको एलर्जिक और बीमार बनाने के लिए काफी है।
हाल में हुए क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी के शोध की मानें तो वैक्यूम क्लीनर से हवा में उड़ने वाली धूल सीधे सांसों के जरिए शरीर में प्रवेश करती है जिससे एलर्जी बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है।
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शोधकर्ताओं का मानना है कि वैक्यूम क्लीनर के प्रयोग से धूल, बैक्टीरिया आदि हवा के कणों में मिल जाते हैं और सांसों के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। क्लोस्ट्रिडियम बोट्यूलिज्म नामक बैक्टीरिया वातावरण में घुलता है जो बच्चों को संक्रमित कर सकता है। यह संक्रमण बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
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शोधकर्ता डॉ. ल्यूक निब्स के अनुसरा, ''शोध के दौरान हमने पाया कि जिन घरों में वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल अधिक होता है उनमें यह बैक्टीरिया अधिक होता है जो दमा के मरीजों, बच्चों और कमजोर प्रतिरोधी क्षमता वाले लोगों पर हावी होने के लिए काफी है।''
डॉ. निब्स ने 21 वैक्यूम क्लीनर की जांच करके उनसे इस बैक्टीरिया के सैंपल इकट्ठा किए और उन घरों में रहने वाले लोगों की त्वचा से इस बैक्टीरिया के सैपल लिए और इस आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।
इस शोध का विस्तृत विवरण जर्नल एप्लाइड एंड इन्वॉर्मेंटल माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है।