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कहानी इंदौर के जॉनी हॉट डॉग की जिसके स्वाद के आगे फीका पड़ा बर्गर और पिज्जा

Fri, 30 Aug 2019 07:22 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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जॉनी हॉट डॉग इंदौर में मिलने वाली डिश है। इस डिश ने 60 साल के विजय सिंह राठौड़ को दुनियाभर में मशहूर कर दिया है। - फोटो : सोशल मीडिया
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इंदौर का जॉनी हॉट डॉग पूरी दुनिया में मशहूर हो गया है। इस डिश को एशिया पेसिफिक की सबसे ज्यादा लोकप्रिय डिश का खिताब मिला है। जुलाई में इंदौर की इस डिश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

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दरअसल, हॉन्ग-कॉन्ग में हुए उबर ईट्स ऐपक रेस्टोरेंट पार्टनर अवॉर्ड 2019 में उस वक्त सब हैरान रह गए जब एशिया पेसिफिक की सबसे लोकप्रिय डिश में मेकडॉनल्डस, बर्गर किंग और पिज्जा हट की विभिन्न डिशिश को छोड़कर इंदौर के जॉनी हॉट डॉग ने परचम लहराया। आइए जानते हैं क्या है जॉनी हॉट डॉग की कहानी

रातों-रात दुनिया में मशहूर हो गए इंदौर के दादू
जॉनी हॉट डॉग इंदौर में मिलने वाली डिश है। इस डिश ने 60 साल के विजय सिंह राठौड़ को दुनियाभर में मशहूर कर दिया है। 120 स्क्वायर फीट की छोटी-सी दुकान पर मिलने वाली जॉनी हॉट डॉग ने इंदौर से लेकर हॉन्ग-कॉन्ग तक का सफर तय किया और पहला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीता। जॉनी हॉट डॉग बेचने वाले राठौड़ इंदौर में दादू के नाम से लोकप्रिय हैं।
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विजय सिंह इस अवॉर्ड को लेने के लिए जब स्टेज पर पहुंचे तो उनकी आंखों से आंसू बह निकले। विजय राठौड़ को अंग्रेजी तो नहीं आती थी, लेकिन उनकी खुशी और आंसू सबकुछ बयां कर रहे थे। बताया जाता है कि जब उन्हें स्टेज पर लोग धन्यवाद देने आए तो वह हाथ जोड़कर मुस्कराते हुए विनम्रता से झुक गए।

जॉनी हॉट डॉग को सबसे ज्यादा लोकप्रिय वेंडर और मोस्ट हाई फ्रिक्वेंसी कैटेगरी के पुरस्कार से नवाजा गया। जॉनी हॉट डॉग डिश को एक दिन में औसतन तीन हजार से ज्यादा लोग ऑर्डर कर मंगाते हैं। हर हफ्ते छुट्टी के दिन यह संख्या 4 हजार से भी ज्यादा पहुंच जाती है। जॉनी हॉट डॉग के काउंटर का आधे से ज्यादा हिस्सा आपको वितरण केंद्र में तब्दील हुआ ही नजर आएगा।
 

जॉनी हॉट डॉग डिश की शुरुआत 40 साल पहले हुई थी। - फोटो : सोशल मीडिया
40 साल पहले हुई थी शुरुआत, देसी घी और मक्खन से बनाता है हॉट डॉग
जॉनी हॉट डॉग डिश की शुरुआत 40 साल पहले हुई थी। स्टारलिट टॉकीज इस डिश की शुरुआत का गवाह बना। 1980 के दशक में विजय सिंह दुकान को इंदौर के 56  दुकान पर ले आए जो कि खानपान के लिए मशहूर है। लेकिन इस डिश का जायका ऐसे ही बरकरार रहा। देशी घी और मक्खन में बनाई जाने वाली इस डिश का स्वाद लोगों के जुंबां पर ऐसा चढ़ा कि दीवानगी ही छा गई। इंदौर के आम आदमी से लेकर नामी-गिरामी और कई हस्तियां विजय राठौड़ के इस लजीज डिश को चख चुकी हैं। नाम से यह डिश जरूर अमेरिकी है लेकिन इसका स्वाद पूरी तरह से भारतीय ही है।

जॉनी हॉट डॉग को बन ब्रेड को रोल करके बनाया जाता है। विजय राठौड़ ने इस अवॉर्ड को जीतने के बाद खुशी जताते हुए अपने एक इंटरव्यू में कहा कि मेरे बचपन में यहां एक सिनेमाघर था जिसमें सिर्फ अंग्रेजी फिल्में ही लगती थीं। इन फिल्मों में इस तरह के हॉट डॉग को बेचा जाता था।

फिल्म देखने हर रात सिनेमाघर में बहुत से लोग जाते और इन्हीं फिल्मों से थोड़ी बहुत अंग्रेजी बोलना सीख जाते। यहां काफी चहल-पहल रहती और फिल्म देखने के बाद लोग कुछ खाते-पीते थे। 70 के दशक में यह थिएटर बंद हो गया। 70 के दशक के आखिरी में उन्होंने यहां हॉट डॉग बेचना शुरू किया। राठौड़ के पिता किसान थे।
 
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मां की सहायता से तैयार की हॉट डॉग रेसिपी
मां की सहायता से तैयार की हॉट डॉग रेसिपी
राठौड़ ने जॉनी हॉट डॉग बेचने से पहले कई जगह नौकरी की और स्थानीय चाय दुकानों पर भी काम किया। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा- एक बार मैंने पांच सौ रुपए बचाए और अपने पिता से कहा कि मुझे अब नौकरी नहीं बल्कि अपना खुद का काम करना है। उनका कहना है कि जब मेरी मां घर में खाना बनाती थी तो मैं उसे देखा करता था। मुझे लगता था मैं भी यह कर सकता हूं। मुझे लगने लगा था कि किसानी तो मेरे बस की नहीं है लेकिन मैं यह काम कर सकता हूं।

विजय कहते हैं- उस वक्त खेती करने में बड़ी दिक्कत होती थी क्योंकि न ही बिजली थी और न ही मोटर, किसानी के लिए मानसून के भरोसे रहना पड़ता था। इसी दौरान उन्होंने अपने मां की सहायता से हॉट डॉग की रेसिपी तैयार की।

विजय कहते हैं कि उस वक्त हम घर में ज्वार और बाजरा ही खाते थे और हमें पता नहीं था कि हॉट डॉग जैसी चीज कैसे खाई जाती है। गेहूं की रोटी मिलना उन दिनों लोगों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था लेकिन धीरे-धीरे लोगों को हॉट डॉग पसंद आने लगा और इसकी लोकप्रियता बढ़ने लगी।

देश में आपातकाल का वक्त था और इसके कुछ सालों बाद सन् 1978-1979 में विजय राठौड़ ने हॉट डॉग की दुकान खोली। वह कहते हैं कि उस वक्त आसपास की दुकानों के नाम या तो विजय चाट हाउस या फिर जैन स्वीट ही हुआ करते थे, लेकिन हमने अपनी दुकान का नाम हॉट डॉग रखा।

विजय राठौड़ कहते हैं कि इस डिश की शुरुआती शाकाहारी डिश के तौर पर हुई थी लेकिन अब मेन्यू में मटन हॉट डॉग भी जुड़ गया है।
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